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Delhi News: पशुपतिनाथ मंदिर में शिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब
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मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष, घंटियों की गूंज और भजन-कीर्तन से गुलजार रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के मौके पर आस्था का अद्भुत नजारा मंदिर परिसरों में देखने को मिला। पूर्वी दिल्ली के पशुपतिनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष, घंटियों की गूंज और भजन-कीर्तन से गुलजार रहा।
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में मौजूद पंचमुखी शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस ऐतिहासिक मंदिर में वर्ष 1953 में नेपाल के राजशाही वीरेंद्र विक्रम शाह द्वारा मूर्ति की स्थापना कराई गई थी। तभी से यह मंदिर आसपास के राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु दूध, बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल लेकर कतारों में खड़े नजर आए। महिलाओं और युवाओं की संख्या भी काफी रही। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई थी। स्वयंसेवकों की टीम व्यवस्था संभालती दिखी, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो।
मुरैना से आए श्रद्धालु ने बताया कि वह हर साल यहां महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए आते हैं। यहां की भक्ति और वातावरण मन को शांति देता है। वहीं, हरियाणा के रोहतक से आए एक परिवार ने बताया कि पंचमुखी शिवलिंग के दर्शन के लिए वह लोग शनिवार रात में ही निकल पड़े थे। दिनभर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि के मौके पर आस्था का अद्भुत नजारा मंदिर परिसरों में देखने को मिला। पूर्वी दिल्ली के पशुपतिनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष, घंटियों की गूंज और भजन-कीर्तन से गुलजार रहा।
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में मौजूद पंचमुखी शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस ऐतिहासिक मंदिर में वर्ष 1953 में नेपाल के राजशाही वीरेंद्र विक्रम शाह द्वारा मूर्ति की स्थापना कराई गई थी। तभी से यह मंदिर आसपास के राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु दूध, बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल लेकर कतारों में खड़े नजर आए। महिलाओं और युवाओं की संख्या भी काफी रही। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई थी। स्वयंसेवकों की टीम व्यवस्था संभालती दिखी, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो।
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मुरैना से आए श्रद्धालु ने बताया कि वह हर साल यहां महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए आते हैं। यहां की भक्ति और वातावरण मन को शांति देता है। वहीं, हरियाणा के रोहतक से आए एक परिवार ने बताया कि पंचमुखी शिवलिंग के दर्शन के लिए वह लोग शनिवार रात में ही निकल पड़े थे। दिनभर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता रहा।
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