दिल्ली: विधानसभा में मिली लाल किले तक जाने वाली 7 किमी लंबी सुरंग, अंग्रेज करते थे इसका इस्तेमाल
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल ने बताया कि यह लाल किले से जुड़ती है। इसके इतिहास पर कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों को स्थानांतरित करते समय प्रतिशोध से बचने के लिए किया था।
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दिल्ली विधानसभा में एक सुरंग मिली है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल ने बताया कि यह लाल किले से जुड़ती है। इसके इतिहास पर कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों को स्थानांतरित करते समय प्रतिशोध से बचने के लिए किया था।
A tunnel-like structure discovered at the Delhi Legislative Assembly. "It connects to the Red Fort. There is no clarity over its history, but it was used by Britishers to avoid reprisal while moving freedom fighters," said Delhi Assembly Speaker Ram Niwas Goel (2.09) pic.twitter.com/OESlRYik69
— ANI (@ANI) September 2, 2021विज्ञापन
गोयल ने कहा कि हम इसके मुहाने की पहचान करने में कामयाब रहे हैं, लेकिन आगे नहीं खोदेंगे। जल्द ही हम इसे फिर से तैयार करेंगे और इसे जनता के लिए उपलब्ध कराएंगे। अगले वर्ष 15 अगस्त तक जीर्णोद्धार का कार्य हो जाने की उम्मीद। इसके बाद जनता इसे देख सकेगी।
पहली बार 5 फरवरी 2016 को पता चला था इस सुरंग के बारे में
इस सुरंग के बारे में 5 फरवरी 2016 को पहली बार पता चला था। दिल्ली विधानसभा में एक गुप्त सुरंग खोजी गई जो 7 किलोमीटर लंबी है। यह सुरंग अंग्रेजों के जमाने की है। जब दिल्ली में देशभक्तों के रक्त से धरती लाल हो रही थी तब यही सुरंग थी जिससे देश के वीरों को फांसी देने के लिए लाया जाता था।
बता दें कि लगभग 7 किलोमीटर लंबी ये सुरंग लाल किले तक जाती है। इतिहास में इस बात के सबूत हैं कि दिल्ली विधानसभा का इस्तेमाल ब्रिटिश अदालत के रूप किया जाता था। ये 1926-27 से 1947 तक का दौर था। कहा जाता है कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों को लाल किले में बंदी बनाकर रखा जाता था उन्हें इसी गोपनीय सुरंग से दिल्ली विधानसभा (उस समय के ब्रिटिश अदालत) लाया जाता था। विधानसभा की मुख्य इमारत के पीछे एक फांसी लगाने वाला कमरा हुआ करता था जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाता था।
2016 में रामनिवास गोयल को दिल्ली के पूर्व विधायक ने सुरंग के बारे में बताया था
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बताया था कि जब वो 1993 में विधायक बने थे तब उन्होंने विधानसभा स्टाफ से सुना था कि यहां ब्रिटिश कोर्ट हुआ करता था जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर लटकाया जाता था। 2016 में रामनिवास गोयल ने बताया था कि जब उस साल हरियाणा किसी कार्यक्रम में गए थे, जहां पूर्व दिल्ली विधायक किरन चौधरी ने उन्हें इस सुरंग के बारे में बताया था। इसके बाद वापस आने पर उन्होंने इसकी खोज के लिए जांच बिठाई जिसने इस सुरंग की खोज की।