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दिल्ली: मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर सुनवाई का 60 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ, आज होगी पांचवें दौर की सुनवाई
Mon, 01 Nov 2021 08:48 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 01 Nov 2021 08:48 AM IST
सार
डीडीए ने मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर राजधानी निवासियों की ओर से दर्ज कराई 33 हजार आपत्तियां व सुझावों पर सुनवाई के लिए जांच एवं सुनवाई बोर्ड का गठन कर रखा है। बोर्ड चार दौर पूरे कर चुका है और इस दौरान 33 हजार में से 19600 आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई का कार्य कर चुका है।
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विस्तार
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जांच एवं सुनवाई बोर्ड ने मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर सुनवाई के चार दौर के दौरान करीब 60 प्रतिशत सुझावों एवं आपत्तियों पर संबंधित व्यक्तियों के साथ चर्चा करने का कार्य पूरा दिया। इस तरह उसने अब मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर करीब 13 हजार व्यक्तियों के साथ उनके सुझावों एवं आपत्तियों पर चर्चा करनी है। बोर्ड पांचवें दौर की सुनवाई सोमवार को करेगा। डीडीए के पास करीब 33 हजार व्यक्तियों ने सुझाव एवं आपत्ति दर्ज कराई थी।
डीडीए ने मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर राजधानी निवासियों की ओर से दर्ज कराई 33 हजार आपत्तियां व सुझावों पर सुनवाई के लिए जांच एवं सुनवाई बोर्ड का गठन कर रखा है। बोर्ड चार दौर पूरे कर चुका है और इस दौरान 33 हजार में से 19600 आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई का कार्य कर चुका है। हालांकि उसने सुनवाई के लिए पूरा नवंबर माह भी तय कर रखा है। माना जा रहा है कि बोर्ड 15 नवंबर तक सुनवाई का कार्य पूरा कर लेगा।
बोर्ड घरेलू सेवकों, होम बेस्ड वर्कर्स, प्रवासी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित मुद्दों और पुनर्वास कालोनियों और अनधिकृत कालोनियों से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई कर चुका है। इसके अलावा बोर्ड ने मास्टर प्लान के विजन और लक्ष्यों, वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण, यमुना नदी और बाढ़ के मैदान की सफाई, ट्रैफिक जाम, पार्किंग मुद्दे, शहर के पुराने क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास जैसे पर्यावरण के मुद्दों से संबंधित मुद्दे, मिश्रित उपयोग वाली सड़कें, वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए शुल्क, किराये और किफायती आवास के प्रावधान, अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में सुधार, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं, सस्ती सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, वेंडिंग गतिविधियां, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मुद्दे, पैदल चलने वालों के लिए सुविधाएं, स्वच्छता इलाकों, जल निकासी और सीवरेज सिस्टम, उपयोगिता योजनाओं आदि के बारे में सुनवाई की है।
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वहीं बोर्ड ने विरासत, संस्कृति, सार्वजनिक स्थान, लैंड पूलिंग नीति, ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलेपमेंट (पारगमन उन्मुख विकास), हरित विकास क्षेत्र, पुनर्सृजन नीति, योजना निगरानी और रूपरेखा, मिश्रित उपयोग सड़कों के संबंध में भी सुनवाई की गई है।
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डीडीए ने मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर राजधानी निवासियों की ओर से दर्ज कराई 33 हजार आपत्तियां व सुझावों पर सुनवाई के लिए जांच एवं सुनवाई बोर्ड का गठन कर रखा है। बोर्ड चार दौर पूरे कर चुका है और इस दौरान 33 हजार में से 19600 आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई का कार्य कर चुका है। हालांकि उसने सुनवाई के लिए पूरा नवंबर माह भी तय कर रखा है। माना जा रहा है कि बोर्ड 15 नवंबर तक सुनवाई का कार्य पूरा कर लेगा।
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बोर्ड घरेलू सेवकों, होम बेस्ड वर्कर्स, प्रवासी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित मुद्दों और पुनर्वास कालोनियों और अनधिकृत कालोनियों से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई कर चुका है। इसके अलावा बोर्ड ने मास्टर प्लान के विजन और लक्ष्यों, वायु, जल, ध्वनि प्रदूषण, यमुना नदी और बाढ़ के मैदान की सफाई, ट्रैफिक जाम, पार्किंग मुद्दे, शहर के पुराने क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास जैसे पर्यावरण के मुद्दों से संबंधित मुद्दे, मिश्रित उपयोग वाली सड़कें, वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए शुल्क, किराये और किफायती आवास के प्रावधान, अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में सुधार, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं, सस्ती सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, वेंडिंग गतिविधियां, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मुद्दे, पैदल चलने वालों के लिए सुविधाएं, स्वच्छता इलाकों, जल निकासी और सीवरेज सिस्टम, उपयोगिता योजनाओं आदि के बारे में सुनवाई की है।
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वहीं बोर्ड ने विरासत, संस्कृति, सार्वजनिक स्थान, लैंड पूलिंग नीति, ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलेपमेंट (पारगमन उन्मुख विकास), हरित विकास क्षेत्र, पुनर्सृजन नीति, योजना निगरानी और रूपरेखा, मिश्रित उपयोग सड़कों के संबंध में भी सुनवाई की गई है।