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घर से निकलते वक्त प्रदूषण का स्तर देख लें लोग : एम्स
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प्रदूषण का स्तर देखकर ही घर से निकलें : एम्स
- निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मरीजों के बढ़ने की पुष्टि की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इन दिनों ठंड के साथ प्रदूषण का बढ़ा स्तर लोगों के शरीर को खोखला कर रहा है। मंगलवार को एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दिल्ली वालों को सलाह दी है कि सुबह घर से बाहर निकलते वक्त एक बार जरूरी है कि वे प्रदूषण का स्तर पता कर लें। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि फिलहाल लोगों को ज्यादा प्रदूषित इलाकों में जाने से परहेज करना चाहिए। इसके पीछे वजह बीते कुछ सप्ताह में एम्स में मरीजों की संख्या बढ़ना है। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि इन दिनों सांस और दिल की परेशानी को लेकर मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में इनकी संख्या काफी ज्यादा है। वहीं, एम्स जैसे हालात दिल्ली के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी देखने को मिल रहे हैं। लोकनायक अस्पताल के डॉ. रमेश की मानें तो पिछले दो सप्ताह में उनके यहां ओपीडी में 30 फीसदी मरीजों का इजाफा हुआ है।
वहीं, मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा एवं डॉ. विवेका कुमार का कहना है कि कार्डियक अरेस्ट के मरीजों में कई गुना तेजी से वृद्धि हो रही है। उनके यहां ओपीडी में घबराहट और सांस फूलने के मामले भी आ रहे हैं। इन सब के बीच बीएलके अस्पताल के डॉ. नीरज भल्ला का कहना है कि इन दिनों ठंड के साथ प्रदूषण का कहर लोगों के दिल को कमजोर कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें।
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर के अनुसार इन दिनों दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से भी ऊपर है। ऐसे में घर में बैठकर भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा। उनके यहां हर दिन ओपीडी में बढ़ोतरी इसका गवाह है। डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को मुंह ढककर ही बाहर निकलना चाहिए। साथ ही कान और सिर के अलावा चेहरा हल्के कपड़े से कवर होना चाहिए।
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- निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मरीजों के बढ़ने की पुष्टि की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इन दिनों ठंड के साथ प्रदूषण का बढ़ा स्तर लोगों के शरीर को खोखला कर रहा है। मंगलवार को एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दिल्ली वालों को सलाह दी है कि सुबह घर से बाहर निकलते वक्त एक बार जरूरी है कि वे प्रदूषण का स्तर पता कर लें। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि फिलहाल लोगों को ज्यादा प्रदूषित इलाकों में जाने से परहेज करना चाहिए। इसके पीछे वजह बीते कुछ सप्ताह में एम्स में मरीजों की संख्या बढ़ना है। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि इन दिनों सांस और दिल की परेशानी को लेकर मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में इनकी संख्या काफी ज्यादा है। वहीं, एम्स जैसे हालात दिल्ली के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी देखने को मिल रहे हैं। लोकनायक अस्पताल के डॉ. रमेश की मानें तो पिछले दो सप्ताह में उनके यहां ओपीडी में 30 फीसदी मरीजों का इजाफा हुआ है।
वहीं, मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा एवं डॉ. विवेका कुमार का कहना है कि कार्डियक अरेस्ट के मरीजों में कई गुना तेजी से वृद्धि हो रही है। उनके यहां ओपीडी में घबराहट और सांस फूलने के मामले भी आ रहे हैं। इन सब के बीच बीएलके अस्पताल के डॉ. नीरज भल्ला का कहना है कि इन दिनों ठंड के साथ प्रदूषण का कहर लोगों के दिल को कमजोर कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें।
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सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर के अनुसार इन दिनों दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से भी ऊपर है। ऐसे में घर में बैठकर भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा। उनके यहां हर दिन ओपीडी में बढ़ोतरी इसका गवाह है। डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को मुंह ढककर ही बाहर निकलना चाहिए। साथ ही कान और सिर के अलावा चेहरा हल्के कपड़े से कवर होना चाहिए।
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