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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के सात साल बाद दोषियों को उम्रकैद
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फरीदाबाद के ध्यानार्थ
नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों को उम्रकैद
नई दिल्ली। अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के सात साल बाद चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़िता से पहले उसके रिश्तेदार और बाद में कुछ अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म किया था। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इंसानों की खाल में ऐसे भेड़िये छिपे हैं, जो महिलाओं को खिलौना समझते हैं और उन्हें केवल भोग की वस्तु मानते हैं। ऐसे लोगों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बलवंत राय बंसल ने बिजेंद्र, प्रवीण व विनोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन तीनों ने अपनी कार में लिफ्ट देकर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
अदालत ने पीड़िता के एक रिश्तेदार को भी दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश अदालत ने सरकार को दिया है। यह मामला 2011 का है। पीड़िता अपने माता-पिता के साथ फरीदाबाद में रहती थी। ब्यूरो
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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों को उम्रकैद
नई दिल्ली। अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के सात साल बाद चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़िता से पहले उसके रिश्तेदार और बाद में कुछ अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म किया था। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इंसानों की खाल में ऐसे भेड़िये छिपे हैं, जो महिलाओं को खिलौना समझते हैं और उन्हें केवल भोग की वस्तु मानते हैं। ऐसे लोगों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बलवंत राय बंसल ने बिजेंद्र, प्रवीण व विनोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन तीनों ने अपनी कार में लिफ्ट देकर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
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अदालत ने पीड़िता के एक रिश्तेदार को भी दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश अदालत ने सरकार को दिया है। यह मामला 2011 का है। पीड़िता अपने माता-पिता के साथ फरीदाबाद में रहती थी। ब्यूरो
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