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स्वदेशी तकनीक से विकसित भारत बनाने में योगदान दें युवा: प्रो. सूद
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डीटीयू के दीक्षांत समारोह में 7,896 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, विनोद धाम और विजय शेखर शर्मा सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और 2047 तक विकसित राष्ट्र का लक्ष्य हासिल करने में युवाओं की भूमिका अहम है। विद्यार्थियों को ऐसी स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बना सके। यह बात भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के सूद ने बृहस्पतिवार को दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) के 12वें दीक्षांत समारोह में कही।
उन्होंने विद्यार्थियों से डीप-टेक उद्यमिता शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) का इस्तेमाल जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ करने पर जोर दिया।
7, 896 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्री
डीटीयू के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के कुल 7,896 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 5,653 स्नातक, 1,937 परा-स्नातक और रिकॉर्ड 306 पीएचडी डिग्रियां शामिल हैं। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा शोध, नवाचार, प्लेसमेंट और उद्यमिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीटीयू में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के दाखिले पिछले साल के मुकाबले दोगुने होकर 215 हो गए हैं।
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पेंटियम चिप के जनक विनोद धाम सम्मानित
दीक्षांत समारोह में पेंटियम चिप के जनक के रूप में प्रसिद्ध डीटीयू के पूर्व छात्र विनोद धाम को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा को उद्यमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा डॉ. राज सोइन, प्रो. ध्रेंद्र योगी गोस्वामी और पूर्व प्रवर्तन निदेशालय प्रमुख करनैल सिंह को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किए गए। स्नातक वर्ग में मधुर अग्रवाल और लव्य थापर को क्रमश: शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया गया। परा-स्नातक वर्ग में सृष्टि गोयल और राधिका अग्रवाल को स्वर्ण पदक मिला।
प्लेसमेंट में 64 लाख रुपये का सर्वाधिक पैकेज
कुलपति ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 348 कंपनियां प्लेसमेंट के लिए डीटीयू पहुंची और विद्यार्थियों को कुल 1,833 नौकरियों के अवसर मिले। इस दौरान सबसे अधिक सालाना पैकेज 64 लाख रुपये रहा, जबकि औसत पैकेज 15.04 लाख रुपये रहा। 85 साल के सफर पर पुस्तक का विमोचन समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल और डीटीयू के कुलाधिपति तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने वीडियो संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा और कौशल का इस्तेमाल देश और समाज की तरक्की के लिए करने की अपील की। इस अवसर पर डीटीयू के 85 वर्षों के सफर पर आधारित पुस्तक 85 ईयर ऑफ एक्सीलेंस का विमोचन भी किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और 2047 तक विकसित राष्ट्र का लक्ष्य हासिल करने में युवाओं की भूमिका अहम है। विद्यार्थियों को ऐसी स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बना सके। यह बात भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के सूद ने बृहस्पतिवार को दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) के 12वें दीक्षांत समारोह में कही।
उन्होंने विद्यार्थियों से डीप-टेक उद्यमिता शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) का इस्तेमाल जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ करने पर जोर दिया।
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7, 896 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्री
डीटीयू के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के कुल 7,896 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 5,653 स्नातक, 1,937 परा-स्नातक और रिकॉर्ड 306 पीएचडी डिग्रियां शामिल हैं। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा शोध, नवाचार, प्लेसमेंट और उद्यमिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीटीयू में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के दाखिले पिछले साल के मुकाबले दोगुने होकर 215 हो गए हैं।
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पेंटियम चिप के जनक विनोद धाम सम्मानित
दीक्षांत समारोह में पेंटियम चिप के जनक के रूप में प्रसिद्ध डीटीयू के पूर्व छात्र विनोद धाम को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा को उद्यमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा डॉ. राज सोइन, प्रो. ध्रेंद्र योगी गोस्वामी और पूर्व प्रवर्तन निदेशालय प्रमुख करनैल सिंह को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किए गए। स्नातक वर्ग में मधुर अग्रवाल और लव्य थापर को क्रमश: शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया गया। परा-स्नातक वर्ग में सृष्टि गोयल और राधिका अग्रवाल को स्वर्ण पदक मिला।
प्लेसमेंट में 64 लाख रुपये का सर्वाधिक पैकेज
कुलपति ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 348 कंपनियां प्लेसमेंट के लिए डीटीयू पहुंची और विद्यार्थियों को कुल 1,833 नौकरियों के अवसर मिले। इस दौरान सबसे अधिक सालाना पैकेज 64 लाख रुपये रहा, जबकि औसत पैकेज 15.04 लाख रुपये रहा। 85 साल के सफर पर पुस्तक का विमोचन समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल और डीटीयू के कुलाधिपति तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने वीडियो संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा और कौशल का इस्तेमाल देश और समाज की तरक्की के लिए करने की अपील की। इस अवसर पर डीटीयू के 85 वर्षों के सफर पर आधारित पुस्तक 85 ईयर ऑफ एक्सीलेंस का विमोचन भी किया गया।