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खुद को जेन जी नहीं, अमृत पीढ़ी कहें युवा : मीनाक्षी लेखी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने बृहस्पतिवार को युवाओं से खुद को जेन जी कहने के बजाय अमृत पीढ़ी कहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा देश के नेता हैं और भविष्य उन्हीं के हाथों में है। देश के खजाने की चाबियां भी उन्हीं को सौंपनी हैं। वह भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद की ओर से आयोजित युवा सम्मेलन में बोल रही थीं। सम्मेलन में 700 से अधिक नए लागत लेखाकारों को सम्मानित किया गया। मीनाक्षी लेखी के अनुसार, युवाओं को अपनी पहचान तय करने का अधिकार खुद रखना चाहिए। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन स्वतंत्र सोच और सही फैसले लेने की क्षमता हमेशा जरूरी रहेगी। उन्होंने युवाओं को जिज्ञासु बने रहने और अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने की सलाह दी। वहीं, शिक्षाविद एम जगदीश कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। युवाओं में सवाल पूछने, नए विचार लाने, मिलकर काम करने और नैतिकता के आधार पर फैसले लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
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नई दिल्ली। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने बृहस्पतिवार को युवाओं से खुद को जेन जी कहने के बजाय अमृत पीढ़ी कहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा देश के नेता हैं और भविष्य उन्हीं के हाथों में है। देश के खजाने की चाबियां भी उन्हीं को सौंपनी हैं। वह भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद की ओर से आयोजित युवा सम्मेलन में बोल रही थीं। सम्मेलन में 700 से अधिक नए लागत लेखाकारों को सम्मानित किया गया। मीनाक्षी लेखी के अनुसार, युवाओं को अपनी पहचान तय करने का अधिकार खुद रखना चाहिए। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन स्वतंत्र सोच और सही फैसले लेने की क्षमता हमेशा जरूरी रहेगी। उन्होंने युवाओं को जिज्ञासु बने रहने और अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने की सलाह दी। वहीं, शिक्षाविद एम जगदीश कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। युवाओं में सवाल पूछने, नए विचार लाने, मिलकर काम करने और नैतिकता के आधार पर फैसले लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।