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Delhi: पंजाबी बाग फ्लाईओवर के लिए अभी एक माह तक करना होगा इंतजार, धौलाकुआं से आजादपुर तक सफर होगा सिग्नल फ्री
Fri, 11 Oct 2024 07:46 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 11 Oct 2024 07:46 AM IST
सार
फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़कें बन गई हैं, लेकिन रेलिंग, डिवाइडर पर हरियाली सहित अन्य काम बाकी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फ्लाईओवर का शेष कार्य अक्तूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
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पंजाबी बाग के क्लब रोड का निर्माणाधीन फ्लाईओवर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिमी दिल्ली में जाम खत्म करने के लिए तैयार किए जा रहे पंजाबी बाग क्लब रोड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 92 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। इसे नवंबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़कें बन गई हैं, लेकिन रेलिंग, डिवाइडर पर हरियाली सहित अन्य काम बाकी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फ्लाईओवर का शेष कार्य अक्तूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके तैयार होने से धौलाकुआं से आजादपुर तक करीब 18 किलोमीटर का सफर सिग्नल फ्री हो जाएगा।
मौजूदा समय में धौलाकुआं से आगे नारायणा फ्लाईओवर, मायापुरी, राजा गार्डन, पंजाबी बाग, मोती नगर, चौधरी ब्रह्म सिंह और शालीमार बाग फ्लाईओवर बना हुआ है। क्लब रोड फ्लाईओवर पर आवाजाही शुरू होने से वाहन चालक बिना किसी बाधा के मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इससे ईंधन के साथ ही समय की भी बचत होगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों अनुसार, पहले से इसे अक्तूृबर में खोलने की योजना थी, लेकिन अंतिम चरण के बचे काम को पूरा करने में अभी एक माह का और समय लगेगा।
इसके बाद ट्रायल के तौर पर ट्रैफिक चलाया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की एनओसी मिलने के बाद इसे खोला जाएगा। फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़क बनकर है। डिवाइडर व फ्लाईओवर के किनारे दीवार, रेलिंग, लाइट के लिए खंभे आदि लगाए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर पेड़ों होने की वजह से निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। हालांकि, इससे यातायात के लिए शुरू करने में कोई बाधा नहीं होगी। फ्लाईओवर पर यातायात शुरू होनेे के बाद भी बचे हुए काम पूरे किए जा सकते हैं। पेड़ काटने से संबंधित मामले को वन विभाग के साथ बीते दिनों हुई बैठक में उठाया गया था। यह मामला कोर्ट में हैं। ऐसे में कोर्ट के निर्देशों पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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12.50 लाख वाहन करेंगे सफर
अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर निर्माण की अनुमानित लागत 352.32 करोड़ रुपये है। मार्च में जारी दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार अक्तूबर 2023 तक 174.31 करोड़ रुपये का व्यय फ्लाईओवर निर्माण में किया गया था। दिल्ली सरकार ने पहले घोषणा की थी कि इस फ्लाईओवर का उपयोग प्रतिदिन औसत 12,50,000 से अधिक वाहन करेंगे और सालाना 6,00,000 लीटर से अधिक ईंधन की बचत होगी। यह फ्लाईओवर वेस्ट दिल्ली इंटीग्रेटेड ट्रांजिट काॅरिडोर डेवलपमेंट के तहत तैयार किया जा रहा है। इसकी लंबाई 1.1 किलोमीटर की है। फ्लाईओवर के दोनों तरफ की चौड़ाई 23 मीटर है। दोनों तरफ से छह कारें गुजर सकती हैं। फ्लाईओवर के नीचे तीन ईएसआई अस्पताल, श्मशान घाट और मोतीनगर के पास तीन अंडरपास बनाए गए हैं, ताकि तिलक नगर से आने वाले या फिर जाने वाले वाहन चालकों को दिक्कत न हों।
स्लिप रोड का भी किया जा रहा निर्माण
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर के पास एक स्लिप रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसे बनाने का मकसद यह है कि पंजाबी बाग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने बाद यदि कोई फ्लाईओवर पर चढ़ता है, तो वह सीधे पंजाबी चौक के पास बने अंडरपास के पास ही नीचे उतर सकता है। ऐसे में शिवाजी पार्क, पंजाबी बाग वेस्ट और मादीपुर की ओर जाने के लिए रोहतक रोड से ही जाना पड़ेगा। इससे लोगों को अनावश्यक एक-डेढ़ किमी का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा।
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मौजूदा समय में धौलाकुआं से आगे नारायणा फ्लाईओवर, मायापुरी, राजा गार्डन, पंजाबी बाग, मोती नगर, चौधरी ब्रह्म सिंह और शालीमार बाग फ्लाईओवर बना हुआ है। क्लब रोड फ्लाईओवर पर आवाजाही शुरू होने से वाहन चालक बिना किसी बाधा के मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इससे ईंधन के साथ ही समय की भी बचत होगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों अनुसार, पहले से इसे अक्तूृबर में खोलने की योजना थी, लेकिन अंतिम चरण के बचे काम को पूरा करने में अभी एक माह का और समय लगेगा।
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इसके बाद ट्रायल के तौर पर ट्रैफिक चलाया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की एनओसी मिलने के बाद इसे खोला जाएगा। फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़क बनकर है। डिवाइडर व फ्लाईओवर के किनारे दीवार, रेलिंग, लाइट के लिए खंभे आदि लगाए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर पेड़ों होने की वजह से निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। हालांकि, इससे यातायात के लिए शुरू करने में कोई बाधा नहीं होगी। फ्लाईओवर पर यातायात शुरू होनेे के बाद भी बचे हुए काम पूरे किए जा सकते हैं। पेड़ काटने से संबंधित मामले को वन विभाग के साथ बीते दिनों हुई बैठक में उठाया गया था। यह मामला कोर्ट में हैं। ऐसे में कोर्ट के निर्देशों पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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12.50 लाख वाहन करेंगे सफर
अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर निर्माण की अनुमानित लागत 352.32 करोड़ रुपये है। मार्च में जारी दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार अक्तूबर 2023 तक 174.31 करोड़ रुपये का व्यय फ्लाईओवर निर्माण में किया गया था। दिल्ली सरकार ने पहले घोषणा की थी कि इस फ्लाईओवर का उपयोग प्रतिदिन औसत 12,50,000 से अधिक वाहन करेंगे और सालाना 6,00,000 लीटर से अधिक ईंधन की बचत होगी। यह फ्लाईओवर वेस्ट दिल्ली इंटीग्रेटेड ट्रांजिट काॅरिडोर डेवलपमेंट के तहत तैयार किया जा रहा है। इसकी लंबाई 1.1 किलोमीटर की है। फ्लाईओवर के दोनों तरफ की चौड़ाई 23 मीटर है। दोनों तरफ से छह कारें गुजर सकती हैं। फ्लाईओवर के नीचे तीन ईएसआई अस्पताल, श्मशान घाट और मोतीनगर के पास तीन अंडरपास बनाए गए हैं, ताकि तिलक नगर से आने वाले या फिर जाने वाले वाहन चालकों को दिक्कत न हों।
स्लिप रोड का भी किया जा रहा निर्माण
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर के पास एक स्लिप रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसे बनाने का मकसद यह है कि पंजाबी बाग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा होने बाद यदि कोई फ्लाईओवर पर चढ़ता है, तो वह सीधे पंजाबी चौक के पास बने अंडरपास के पास ही नीचे उतर सकता है। ऐसे में शिवाजी पार्क, पंजाबी बाग वेस्ट और मादीपुर की ओर जाने के लिए रोहतक रोड से ही जाना पड़ेगा। इससे लोगों को अनावश्यक एक-डेढ़ किमी का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा।