जानिए, क्यों मजाक बना आप का नोटिस
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बागी नेता योगेंद्र यादव ने आम आदमी पार्टी की अनुशासनात्मक समिति की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को बहुत बड़ा मजाक बताया है।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मजाक तो यही है कि जो समिति का सदस्य नहीं है, वह नोटिस की जानकारी मीडिया को दे रहा है। उनका निशाना आशुतोष पर था।
यादव के मुताबिक, दूसरा मजाक यह है कि अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष खुद कहते हैं कि पार्टी की ओर से उन्हें कोई शिकायत प्रस्तावित नहीं की गई है।
वह इस समय गोवा में हैं और समिति की किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए। फिर महज 12 घंटे में शिकायत भी मिल गई, बैठक भी हो गई और उसका निष्कर्ष भी निकाल लिया गया।
क्या है नोटिस में
नोटिस मिलने को लेकर योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए हैं। उनका कहना है कि सबसे पहले मीडिया के माध्यम से पता चला कि उन्हें, प्रशांत भूषण, प्रो. आनंद कुमार और अजीत झा को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
योगेंद्र ने कहा कि नोटिस का ई-मेल शुक्रवार देर रात 11:45 बजे मिला। इससे पहले इसमें लिखा गया कंटेंट लीक कर दिया गया।
नोटिस में कहा गया है अनुशासन समिति को चारों के खिलाफ शिकायत मिली है, जिसमें प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिले हैं। चारों से रविवार शाम छह बजे तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
शिकायतकर्ता करेंगे जांच
यादव ने कहा कि नोटिस में पार्टी से जुड़ी जानकारियां मीडिया में लीक करने का लगाया गया आरोप ही बड़ा मजाक है। यह शिकायत खुद पंकज गुप्ता ने दी है। वह इस जांच समिति के सदस्य हैं।
भूषण परिवार के बारे में कुछ दिनों पहले अपमानजनक टिप्पणी करने वाले आशीष खेतान भी समिति में शामिल हैं। वही जांच भी करेंगे। ऐसे में आरोपों पर निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।
योगेंद्र यादव ने सभी बातें समिति के अध्यक्ष वघेला के सामने भी रखा है। उन्होंने कहा कि इस तरह से जांच किया जाना न्याय के प्राथमिक सिद्धांत का उल्लंघन है।