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खोखले निकले दिल्ली सरकार के शिक्षा ऋण के दावे, विज्ञापन पर खर्च किए 30 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Jan 2017 09:39 AM IST
सार
दिल्ली सरकार की शिक्षा ऋण के दावे खोखले
महज 3.15 लाख का दिया शिक्षा लोन, विज्ञापन पर खर्च किए 30 लाख
विधानसत्रा में विधायक पंकज पुष्कर की ओर से उठाए सवाल पर दिल्ली सरकार का जवाब
स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने उठाए सवाल कहा कि कथनी करनी में अंतर
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उच्च शिक्षा व कौशल गारंटी स्कीम के तहत दिल्ली सरकार की शिक्षा ऋण के दावे खोखले साबित हो रहे है। विधानसभा में विधायक पंकज पुष्कर की ओर से पूछे गए सवाल पर सरकार ने जो आंकड़े दिए है वह बेहद चौंकाने वाले है।
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आंकड़ों की माने तो कुल 97 लोगों को एजुकेशन लोन दिया गया है, जिसमें महज तीन लोगों के लिए दिल्ली सरकार शिक्षा लोन के लिए गारंटर बनी। उसमें चौंकाने वाले आंकड़े यह है कि जिन तीन लोगों के लिए दिल्ली सरकार लोन गारंटर बनी उन्हें 3.15 लाख रुपये का कुल लोन मिला, जबकि इस योजना के लिए सरकार ने विज्ञापन और सरकार की सराहना करने के लिए 30 लाख रुपये खर्च कर दिए।
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खर्च का यह आंकड़ा भी 31 मार्च 2016 तक का ही है। दिल्ली सरकार ने इस स्कीम के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाए थे। सरकार के इन आंकड़ों पर योगेंद्र यादव ने केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।
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वह जिन वादों के साथ आई थी उसे भूल चुकी है। उन्होंने कहा कि 97 में से 94 लोगों को केंद्र सरकार की योजना के तहत लोन मिला है। बाकी तीन को सिर्फ 3.15 लाख का लोन मिला है, जिसकी गारंटर दिल्ली सरकार बनी।