अब केजरीवाल के बचाव में उतरे योगेंद्र
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हाल की उठापठक को दरकिनार करते हुए योगेंद्र यादव आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बचाव में उतर गए हैं।
हाल में केजरीवाल के कथित ख़रीद-फ़रोख़्त वाले टेप के सामने आने को यादव ने 'कीचड़ की गंगा' बताया और कहा कि आप को बदनाम करने के लिए मामूली सी बातचीत को स्टिंग की तरह पेश किया जा रहा है।
अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में यादव ने कहा, "एक घटना को लेकर इस पूरे आंदोलन को ख़ारिज किया जा रहा है। अब तो साधारण सी बातचीत को भी स्टिंग की तरह पेश किया जा रहा है। बिना कुछ प्रमाण के बड़े बड़े दावे हो रहे हैं। मीडिया यह सब मजे लेकर परोस रहा है।"
यादव ने कहा, "पार्टी में जितने भी गहरे मतभेद हों, इस आंदोलन में आस्था रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस कीचक्रीड़ा का हिस्सा नहीं बन सकता। हम सबको कुछ ऐसा करना है ताकि आंदोलन की एकता बनी रहे और इसकी आत्मा भी बची रहे।"
कैसे पड़ी 'आप' में दरार
योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को हाल ही में आप की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से हटा दिया गया है। दोनों ने कांग्रेस के साथ मिला कर दिल्ली में सरकार बनाने के केजरीवाल के प्रस्ताव का विरोध किया था।
पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने बुधवार को केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले वर्ष कांग्रेस के छह विधायकों को तोड़ने की कोशिश की थी। इसके बाद पार्टी की एक नेता अंजलि दमानिया ने पार्टी छोड़ दी थी।
इससे पहले कांग्रेस के विधायक आसिफ़ मोहम्मद ख़ान ने इल्ज़ाम लगाया था कि आप के नेता ने उन्हें समर्थन के बदले में मंत्री पद की पेशकश की थी।
'मंथन हुआ है, अमृत भी निकलेगा'
यादव ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से जो मंथन चल रहा है, उससे बहुत विष निकला है। मुझे भरोसा है कि अंतत: अमृत भी निकलेगा।"
इससे पहले प्रशांत भूषण के साथ यादव ने खुली चिट्ठी जारी कर पार्टी-विरोधी आरोपों का खंडन किया था। बुधवार के अपने पोस्ट में योगेंद्र यादव ने शंका ज़ाहिर की है कि पार्टी में चल रही उठापटक के पीछे "बड़ी ताकतें" हो सकती हैं।
उन्होंने कहा "कहीं इस खेल में नयी राजनीति की भ्रूणहत्या करने को तैयार बड़ी ताकतें तो शामिल नहीं हो गई हैं? हमें अपना सब लगाकर इस आंदोलन को ऐसी साजिशों से बचाना होगा।"