योगेंद्र ने केजरीवाल से पूछा क्या पंजाब में भी शराब की दुकानें खोलने का बनाएंगे रिकॉर्ड
केजरीवाल सरकार की शराब नीति को लेकर स्वराज अभियान ने झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला है। स्वराज अभियान ने इस दौरान खुलासा किया जब से आम आदमी पार्टी दिल्ली में आई है तब से 399 नई शराब की दुकानें खोल चुकी है।
इतने समय में इतनी दुकान दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है। स्वराज अभियान के संस्थापक सदस्य योगेंद्र यादव ने इस खुलासे के साथ सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया। साथ ही कहा कि क्या आम आदमी पार्टी पंजाब में भी यह मॉडल अपनाएगी।
योगेंद्र यादव ने कहा कि यह आश्चर्यजनक लगता है कि जो पार्टी जनसुनवाई करके नशा मुक्त समाज देने का दावा करती है। वह बिना जनसुनवाई के बीते एक साल में देश की राजधानी में 399 दुकानें खोल चुकी है।
उन्होंने दिल्ली के बहाने पंजाब को लेकर भी केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में भी यही मॉडल लागू करेगी। वहां शराब की दुकान खोलने का रिकॉर्ड बनाएंगे।
'शराब की दुकानों से कमाए 600 करोड़ रुपए'
योगेंद्र यादव यही नहीं रूके उन्होंने कहा कि सरकार ने इन दुकानों के खुलने से राजस्व में 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की। उसके बाद भी नशा मुक्ति केंद्र और शराब के खिलाफ नशामुक्ति अभियान पर एक करोड़ रुपये भी खर्च नहीं कर पाई।
उन्होंने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि केजरीवाल सरकार ने नशा मुक्ति केंद्र पर इस दौरान 16 हजार रुपये जबकि महज 1.79 लाख रुपये शराब के खिलाफ चलाए प्रचार अभियान पर खर्च किया।
योगेंद्र यादव ने कहा कि जब हमने यह मुद्दा उठाया और विधानसभा में यह सवाल उठाए गए तो उपमुख्यमंत्री ने गलत जवाब देकर जनता को गुमराह किया है। वह कहते हैं कि शराब की दुकान खोलने के लिए जनता की भागीदारी जरूरी नहीं है।
जबकि आबकारी नियम 2010 का 24 वां प्वाइंट कहता है कि किसी भी इलाके में शराब खोलने के लिए स्थानीय लोगों की मंजूरी जरूरी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल कहते है आगे से बिना मोहल्ला सभा की मंजूरी के नई दुकान खोली नहीं जाएगी लेकिन अभी तक मोहल्ला सभा तो अधिसूचित ही नहीं की गई है। इस तरह के भ्रामक तथ्यों वाले जानकारी से वह जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे है।