'पहले मीडिया में पहुंचा कारण बताओ नोटिस'
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आम आदमी पार्टी के बागी नेता कहे जाने वाले योगेंद्र यादव ने आज एक ट्वीट करके बताया है कि उन्हें पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस शुक्रवार रात को मिल गया है।
इस नोटिस को वह एक मजाक के तौर पर मानते हैं। उन्होंने कहा कि कल रात ये नोटिस मुझे मिला। यह बहुत ही हास्यास्पद है कि जिन्होंने हम पर पार्टी-विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया था, वही जज बनकर यह निर्णय करेंगे कि हम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे या नहीं।
बता दें कि 'आप' के अनुसार बागी नेताओं को कारण बताओ नोटिस बृहस्पतिवार को ही मिल गया था। जबकि योगेंद्र यादव ने पहले ऐसे किसी भी नोटिस के मिलने से इंकार किया था। इसी बारे में आज उन्होंने ट्वीट कर बताया कि उन्हें ये लेटर कल रात मिला।
'क्या मजाक है, जिसने आरोप लगाया वही करेगा फैसला'
योगेंद्र यादव ने पत्रकारों को बताया कि आशीष खेतान ने मेरे और प्रशांत भूषण के खिलाफ दर्जनों इंटरव्यू में बहुत सारे आरोप लगाए हैं। और आज आशीष खेतान ही ये निर्णय करेंगे कि हमने पार्टी का अनुशासन तोड़ा है कि नहीं?
योगेंद्र आगे इस बात पर तंज करते हुए कहते हैं कि यह क्या मजाक है और यह न्याय की विडंबना है। इसके साथ ही योगेंद्र ने ये भी दावा किया है कि उन्हें कारण बताओ नोटिस मिलने से पहले ही मीडिया में लीक हो चुका था।
योगेंद्र ने अपने फेसबुक पर पोस्ट भी किया है कि अनुशासन समिति चाहती है कि मेरे ऊपर जो खबर लीक करने का आरोप है उसपर मैं उत्तर दूं। लेकिन उसका क्या कि मुझ तक कारण बताओ नोटिस पहुंचने से पहले ही यह मीडिया में लीक हो चुका था।