योगेंद्र-प्रशांत की नई पार्टी में टोपी की जगह पीला पट्टा
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आम आदमी पार्टी (आप) से अलग हुए योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और उनके सहयोगियों ने रविवार को नई पार्टी के साथ सियासी राह पकड़ ली। हालांकि, पार्टी के नाम का एलान 2 अक्तूबर को होगा।
इसका फैसला स्वराज अभियान के पहले राष्ट्रीय प्रतिनिधि अधिवेशन में लिया गया। इस मौके पर दावा किया गया कि नया दल देश को वैकल्पिक राजनीति दिलाने की कोशिश करेगा। देश भर के करीब 114 जिलों और 7 राज्यों में निर्वाचित संस्थाओं को खड़ा करने के बाद अभियान ने कांस्टीट्यूशन क्लब में दो दिवसीय अधिवेशन बुलाया था।
पहले दिन शनिवार को अभियान की 40 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन हुआ। प्रोफेसर आनंद कुमार को अभियान का अध्यक्ष बनाया गया। रविवार को अभियान के राजनीति में उतरने के बारे में वोटिंग कराई गई।
इसमें 92.5 फीसदी लोगों ने राजनीति में जाने पर मुहर लगाई। कुल 433 वोटों में से 405 वोट इसके पक्ष में पड़े, जबकि 26 वोट असहमति और 2 वोट अमान्य रहे।
इसके आधार पर अभियान ने राजनीति की राह पर बढ़ने का निर्णय लिया। हालांकि, अभी पार्टी का नाम तय नहीं हुआ है। इसका प्रारूप तैयार करने के लिए छह सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया है। 2 अक्टूबर को पार्टी के नाम की घोषणा की जाएगी।
'पिछली गलतियों से सीख लेते हुए किया गया फैसला'
अभियान के अध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि पिछली गलतियों से सीख लेते हुए फैसला किया गया है कि स्वराज अभियान के साथ इसके कार्यक्रम ‘जय किसान आंदोलन’, ‘एंटी करप्शन टीम’, ‘शिक्षा स्वराज अभियान’, ‘अमन समिति’ और ‘यूथ फॉर स्वराज’ राजनीतिक दल के साथ-साथ काम करते रहेंगे।
इनका पार्टी में विलय नहीं होगा। सभी संगठन पार्टी के वैचारिक आधार का काम करेंगे। साथ ही अगर पार्टी अपनी नीतियों से भटकती है, तो ये नकेल भी कसेंगे।
प्रो. आनंद कुमार बने अध्यक्ष
प्रो. आनंद कुमार को अभियान का अध्यक्ष चुना गया। वहीं, तमिलनाडु से क्रिस्टिना सामी, बंगाल से अविक साहा, आंध्र प्रदेश से पुरुषोत्तम और दिल्ली से पीएस शारदा अभियान के उपाध्यक्ष होंगे। फहीम खान को महासचिव तथा गिरीश नंदगांवकर एवं राजीव ध्यानी स्वराज अभियान के सचिव बनाए गए।
लोकपाल की नियुक्ति
योगेंद्र यादव ने बताया कि अभियान ने तीन सदस्यीय लोकपाल नियुक्त कर दिया है। लोकपाल के तौर पर कामिनी जायसवाल, सुमित चक्रवर्ती और नूर मोहम्मद काम करेंगे।
संगठन में शिकायत निवारण समितियां भी बनाई गई हैं। वहीं, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभियान ने स्वेच्छा से सूचना के अधिकार के तहत आने का फैसला किया है।
चलेगा ‘पोल खोल अभियान’
टोपी की जगह पीला पट्टा होगा प्रतीक
नई पार्टी टोपी से परहेज करेगी। इसकी जगह पीला पट्टा पार्टी का प्रतीक होगा। योगेंद्र यादव ने बताया कि स्वराज संकल्प के प्रतीक के तौर पर सिर पर पीले रंग का पट्टा बांधना होगा।
हमारे लिए पार्टी बनाने का मतलब है कि देश में सच्चाई और ईमानदारी की ऊर्जा जहां कहीं भी है, उसे जोड़ना। हम ईमानदारी और सच्चाई की ऊर्जा को संगठित करके वैकल्पिक राजनीति की एक मिसाल पेश करेंगे।
किसी पार्टी से नहीं होगा समझौता
योगेंद्र यादव ने बताया कि अभी तो मुख्यधारा की कोई पार्टी ही हमारे साथ गठबंधन बनाने को तैयार नहीं होगी, लेकिन दो बातों पर हम दृढ़प्रतिज्ञ हैं। पहला, देश भर में चल रहे जनांदोलनों को नई पार्टी अपने साथ लाने की कोशिश करेगी। वहीं, मुख्यधारा की किसी भी पार्टी के साथ भविष्य में कभी भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
चलेगा ‘पोल खोल अभियान’
स्वराज अभियान से निकली पार्टी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ‘पोल खोल अभियान’ चलाएगी। आने वाले दिनों में पार्टी से जुड़े नेता भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा करेंगे।
इसका संकेत भी योगेंद्र यादव ने दिया। उन्होंने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, जल्द ही बड़े-बड़े खुलासे होंगे। अभियान भ्रष्टाचार मुक्त भारत को मुहिम की तरह चलाएगा। एंटी करप्शन टीम इसके लिए संजीदगी से कई मामलों पर काम कर रही है। जल्द ही इन्हें सिलसिलेवार ढंग से सार्वजनिक किया जाएगा।