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अब यशोदा अस्पताल के डॉक्टर को स्वाइन फ्लू
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 03 Mar 2015 12:39 AM IST
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नेहरू नगर स्थित यशोदा हास्पिटल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विपिन त्यागी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। लाल पैथ लैब की रिपोर्ट में उनको स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
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अस्पताल में मरीजों के संपर्क में आने से उनको संक्रमण हुआ। इसके साथ ही जनपद में स्वाइन फ्लू से पीड़ितों की संख्या 42 पहुंच गई हैं।
हापुड़ के गांव असौड़ा निवासी डा. विपिन त्यागी यशोदा अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। तीन दिन पहले अस्पताल में ओपीडी के दौरान उन्हें हल्का बुखार और बेचैनी की शिकायत हुई थी।
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इसके बाद वह आरडीसी स्थित राजकुंज में आवास पर आ गए। रविवार को लाल पैथ लैब पर उन्होंने सैंपल दिया। सोमवार को लैब रिपोर्ट में उनको एन-1 एच-1 श्रेणी के स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई।
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फिलहाल उनका उपचार यशोदा अस्पताल के चिकित्सकों की देख-रेख में चल रहा है। सोमवार तक जनपद में स्वाइन फ्लू से पीड़ितों की संख्या 42 पहुंच गई है। डा. विपिन त्यागी ने खुद को स्वाइन फ्लू पाजीटिव होने की पुष्टि की है।
डीएमओ डा. जीके मिश्रा ने बताया कि यशोदा हास्पिटल की ओर से डा. विपिन त्यागी के स्वाइन फ्लू पीड़ित होने की सूचना नहीं दी गई है, उनका सैंपल भी अस्पताल में नहीं दिया गया और न ही दवा मंगवाई गई।
सोमवार को पांच संदिग्ध रोगियोें के सैंपल जांच को भेजे गए और पिछली तीन रिपोर्ट नेगेटिव मिली हैं।
रोकथाम को प्रशासन करेगा मदद
स्कूल, कॉलेजों और इंजीनियरिंग संस्थानों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन को अब हर संभव कदम उठाने होंगे।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों को स्कूल, डिग्री कॉलेजों और इंजीनियरिंग संस्थानों को पर्याप्त संख्या में मास्क मुहैया कराने और दवा उचित दामों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हवा में जड़ी बूटियां छोड़कर रोकेंगे स्वाइन फ्लू
महामारी का रूप लेते जा रहे स्वाइन फ्लू से बचाव अब कृष थ्री फिल्म की तर्ज पर किया जाएगा। हवा के जरिए जड़ी-बूटियों को वायुमंडल में फैलाया जाएगा। इससे स्वाइन फ्लू का वायरस निष्क्रिय हो जाएगा।
सामाजिक संगठनों और आयुर्वेदाचार्यों-हकीमों द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। प्रशासनिक अफसरों ने इसेे मौन स्वीकृति दी है। लोगों ने होलिका दहन में कपूर और इलायची डालने का निर्णय लिया है।
सोशल साइट पर इसका जोर शोर से प्रचार चल रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि कपूर, गुगल, इलायची आदि की गंध हवा को साफ करती है। इससे रोगाणु भी नियंत्रित होते हैं।