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अपराजिता अभियान: मार्शल आर्ट से बदमाशों को सबक सिखा सकती हैं छात्राएं

Mon, 29 Apr 2019 12:35 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 29 Apr 2019 12:35 PM IST
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Yash Pubic School girls get training of self defence
अपराजिता अभियान  के तहत यश पब्लिक स्कूल में छात्राओं को दिया गया मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण - फोटो : Amar Ujala

अपराजिता के तहत शनिवार को जलपुरा गांव के यश पब्लिक स्कूल की छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया गया। कोच ने ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को बताया कि मार्शल आर्ट में सबसे जरूरी ध्यान को एकाग्र रखना है। हर लड़की के अंदर ऐसी क्षमता होनी चाहिए कि वह सुनसान या भीड़भाड़ के माहौल को पल भर में पहचान ले और तुरंत बचाव करे।  

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मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट के समन्वयक सुरजीत पाल ने छात्राओं को बताया कि नान चाकू की मदद से एक साथ चार-पांच लोगों से बचाव किया जा सकता है। इसे बैग में भी रख सकते हैं। नान चाकू चलाने में ज्यादा परेशानी भी नहीं होती और इसकी मार काफी असरदार होती है। वहीं, नेक चोकिंग से हमलावर को किसी भी तरह कर नुकसान नहीं पहुंचेगा लेकिन वह कुछ देर के लिए बेहोश हो जाएगा।
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स्कूल से घर आते जाते, बाजार या सुनसान रास्ते पर सचेत रहने की जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद सभी छात्राओं और स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कुमार ने अमर उजाला का धन्यवाद किया। साथ ही अपराजिता मुहिम की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह मुहिम लगातार जारी रहनी चाहिए। इससे समाज में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदलेगी। 
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स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी लड़कियां जागरूक हो रही हैं। इससे बदलाव भी आ रहा है। अपराजिता मुहिम भी बदलाव में अहम भूमिका निभा रही है।

दिव्या

मार्शल आर्ट सीखकर सशक्त बनना चाहती हूं। ताकि अपनी रक्षा के साथ-साथ अन्य लड़कियों को जागरूक कर सकूं। प्रशिक्षण में कई गुर सीखने को मिले है, जो भविष्य में काम आएंगे।
-हिमांशी

अपनी सुरक्षा के लिए सभी लड़कियों को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेना चाहिए। इससे सड़क पर चलने और अकेले बाहर जाने में डर नहीं लगेगा।
-सुधा

समाज के लोगों की सोच बदलनी है तो लड़कियों को मार्शल आर्ट सीखना जरूरी है। मार्शल आर्ट से आत्मविश्वास बढ़ता है।
-नैना
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