बेटे की नौकरी के लिए रुकवा दी सरकारी प्रक्रिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राधिकरण पर पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह का ऐसा रसूख था कि बेटे सनी यादव को मैनेजर पद पर लाने के लिए,निकाली गई नियुक्ति चार महीने तक टाल दी गई।
दरअसल, तब तक सनी की बीटेक की डिग्री और एक कंपनी में अनुभव की औपचारिकता पूरी नहीं हो जाई थी। ऐसे में कुछ अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की थी।
वर्ष 2008 के शुरुआती माह में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में नियुक्तियां निकाली गई थीं। इसमें परियोजना विभाग में मैनेजर के पद की भी नियुक्ति थी। इस दौरान सनी यादव एक विश्वविद्यालय से बीटेक कर रहा था।
जब हो गई पढ़ाई पूरी तो खोल दी गई भर्ती
उसकी बीटेक की पढ़ाई पूरी होने और किसी कंपनी का अनुभव पाने के लिए चार माह का समय बाकी था। सूत्रों के अनुसार, यादव सिंह के रसूख का आलम यह था कि स्वयं बेटे सनी यादव को मैनेजर बनाने के लिए बाकी नियुक्तियां तो नियमानुसार कर ली गईं लेकिन परियोजना विभाग में मैनेजर के पद की नियुक्ति टाल दी गई।
जब सनी यादव की डिग्री पूरी हो गई और कुछ समय के लिए उसको एक कंपनी में अनुभव की औपचारिकता पूरी करा ली गई तो दोबारा उसी पद की नियुक्ति खोलकर सनी यादव का आवेदन लिया गया और उसे मैनेजर बना दिया गया।
हालांकि, सीबीआई सनी यादव की नियुक्ति से संबंधित फाइल भी एचआर विभाग से ले गई है।