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यादव सिंह प्रकरण : प्राधिकरण ने पैसा किया जारी, प्रोजेक्ट में तेजी का दावा

Thu, 23 Jun 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 23 Jun 2016 01:37 AM IST
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Yadav episode: the money issued by the Authority, the project claims up
यादव स‌िंह

नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह के समय में ठेका पाने वाली दो बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के उन आवंटित कार्यों की राशि जो सीबीआई जांच के दायरे में है उसे रोककर बाकी प्रोजेक्ट्स के लिए प्राधिकरण ने पैसा जारी कर दिया।

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हालांकि चार्जशीट में तीसरी बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम भी शामिल है लेकिन 2012 के बाद से उसने टेंडर की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। यमुना ब्रिज, यूफ्लैक्स अंडर पास समेत अन्य तमाम प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्य में अब तेजी आने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
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यादव सिंह के 2007 से 2012 तक के कार्यकाल पर सीबीआई जांच पर फोकस है। यादव सिंह इसी दौरान सीएमई जल से लेकर इंजीनियर इन चीफ के पद तक पहुंचे। उनके जरिये सबसे ज्यादा टेंडर इसी दौरान जारी हुए। सीबीआई दो कंपनियों, तिरुपति और जेएसपी कंस्ट्रक्शन को जारी ठेकों का विवरण पहले ही ले चुकी है।

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जेएसपी कंस्ट्रक्शन और तिरुपति को मिले हैं कई ठेके

Yadav episode: the money issued by the Authority, the project claims up
यादव स‌िंह
जेएसपी कंस्ट्रक्शन करीब नौ और तिरुपति को भी बिजली के कई ठेके मिले। वहीं, एनकेजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2007-2012 के बीच दिए गए ठेकों का भी ब्योरा सीबीआई प्राप्त कर चुकी है। हालांकि जेएसपी कंस्ट्रक्शन कंपनी 2012 के बाद प्राधिकरण का कोई काम नहीं कर रही।

एनकेजी कंपनी को नोएडा में पहला ठेका यादव सिंह के समय में ही मिला था। इसी कंपनी ने सेक्टर-37 अंडरपास का भी निर्माण किया है। यूफ्लैक्स अंडरपास, यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल भी यही कंपनी बना रही है। सूत्र बताते हैं कि अंडरग्राउंड केबिल कार्य की सीबीआई जांच कर रही है। इसकी राशि रोक दी गई है।

बता दें, कि प्राधिकरण ने आयकर की जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें यादव सिंह के जरिये 2003 से 2014 तक कुल 13081 टेंडर जारी किए गए थे, जिसमें सिविल और मेनटेनेंस के कार्यों के 3562 टेंडर हैं। इनकी कीमत 1641 करोड़ रुपये है, जबकि जल, सीवर और बिजली आदि के 9519 टेंडर जारी किए गए, जिनकी कीमत 2547.33 करोड़ रुपये है।कंस्ट्रक्शन करीब नौ और तिरुपति को भी बिजली के कई ठेके मिले। वहीं, एनकेजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2007-2012 के बीच दिए गए ठेकों का भी ब्योरा सीबीआई प्राप्त कर चुकी है। हालांकि जेएसपी कंस्ट्रक्शन कंपनी 2012 के बाद प्राधिकरण का कोई काम नहीं कर रही।

एनकेजी कंपनी को नोएडा में पहला ठेका यादव सिंह के समय में ही मिला था। इसी कंपनी ने सेक्टर-37 अंडरपास का भी निर्माण किया है। यूफ्लैक्स अंडरपास, यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल भी यही कंपनी बना रही है। सूत्र बताते हैं कि अंडरग्राउंड केबिल कार्य की सीबीआई जांच कर रही है। इसकी राशि रोक दी गई है।

बता दें, कि प्राधिकरण ने आयकर की जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें यादव सिंह के जरिये 2003 से 2014 तक कुल 13081 टेंडर जारी किए गए थे, जिसमें सिविल और मेनटेनेंस के कार्यों के 3562 टेंडर हैं। इनकी कीमत 1641 करोड़ रुपये है, जबकि जल, सीवर और बिजली आदि के 9519 टेंडर जारी किए गए, जिनकी कीमत 2547.33 करोड़ रुपये है।
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