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दुनिया के सबसे वजनी लड़के ने 7 महीने में ऐसे घटाया वजन, मौत थी करीब
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Jul 2018 09:10 PM IST
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mehir jain
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यह तो आप जानते ही होंगे कि जंक फूड मोटापे को तेजी से बढ़ाता है। देश में बढ़ रहे जंक फूड के चलन से बच्चों में मोटापे की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है। इसका उदाहरण दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मिहिर जैन हैं। बचपन से जंक फूड खाने की ललक ने मिहिर को दुनिया का सबसे वजनदार किशोर बना दिया है। 14 वर्षीय मिहिर का अप्रैल में ऑपरेशन हुआ है। पिछले वर्ष दिसंबर में वह माता-पिता के साथ साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचा तो उसका वजन 237 किलोग्राम था।
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हालांकि, मिहिर के इस ज्यादा वजन के पीछे जंक फूड एक वजह है, लेकिन पांच वर्ष की आयु से ही उसका वजन तेजी से बढ़ने लगा था। मां पूजा जैन का कहना है कि पांच वर्ष की उम्र में मिहिर 70 किग्रा का हो गया था। चूंकि परिवार में सभी मोटे हैं, इसलिए कुछ वर्षों तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। साल 2010 में जब मिहिर सात वर्ष का हुआ तो उसका वजन 150 किग्रा से भी ज्यादा हो गया तो डॉक्टरों से परामर्श लिया गया। उम्र कम होने के कारण उन्हें कुछ समय तक ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ा।
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32 से ज्यादा बीएमआई खतरे को दावत
मैक्स अस्पताल के डॉ. प्रदीप चौधरी का कहना है कि बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) शरीर के भार और लंबाई का अनुपात होता है। दुनिया में डॉक्टर इसे ही आधार मानकर उपचार करते हैं। अगर किसी का बीएमआई 32 हो तो सर्जरी की नौबत आती है, लेकिन मिहिर का बीएमआई 92 से ऊपर था। यह स्टेज जानलेवा साबित हो सकती है।
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जीवन संकट में देख सहम गया था
mehir jain
धीरे-धीरे गिरने लगा वजन
वर्ष 2003 में जन्मे मिहिर का वजन ढाई किलोग्राम था। धीरे-धीरे वह मोटा होता चला गया। दिसंबर 2017 में मैक्स अस्पताल साकेत पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मिहिर को पहले तीन माह तक कम कैलोरी और मोटापामुक्त भोजन पर रखा। इस दौरान उसका वजन कम होता गया और बेरिएटिक सर्जरी हुई। इस ऑपरेशन के बाद फिलहाल मिहिर का वजन 177 किलो है। मिहिर का कहना है कि पिज्जा पास्ता उसका पसंदीदा भोजन था। जब वह दूसरी क्लास में था, तो स्कूल जाना बंद करना पड़ा। वह बिस्तर से उठ नहीं पाता था। इस वजह से उसका वजन लगातार बढ़ता जा रहा था।
जीवन संकट में देख सहम गया था
मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रदीप चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन से पहले जब मिहिर को पता चला कि उसका जीवन संकट में है तो कुछ समय के लिए वह सहम गया था, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उसने अमल शुरू किया तो तेजी से वजन गिरने लगा।
छोटे औजार भी हो गए थे बेकार
डॉ. चौधरी ने बताया कि उसका वजन करीब 196 किलो कम हो गया। इसके बाद हमें लगा कि और वजन कम करने के लिए सर्जरी करनी पड़ेगी। हालांकि सर्जरी के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज की मांसपेशियों के नीचे फैट की 10 इंच तक की लेयर थी, जो ऑपरेशन को मुश्किल बना रही थी। सामान्य औजार इसके लिए काम नहीं आ रहे थे। टारगेट एरिया तक पहुंचने के लिए उन्होंने बड़े औजारों का इस्तेमाल किया।
वर्ष 2003 में जन्मे मिहिर का वजन ढाई किलोग्राम था। धीरे-धीरे वह मोटा होता चला गया। दिसंबर 2017 में मैक्स अस्पताल साकेत पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मिहिर को पहले तीन माह तक कम कैलोरी और मोटापामुक्त भोजन पर रखा। इस दौरान उसका वजन कम होता गया और बेरिएटिक सर्जरी हुई। इस ऑपरेशन के बाद फिलहाल मिहिर का वजन 177 किलो है। मिहिर का कहना है कि पिज्जा पास्ता उसका पसंदीदा भोजन था। जब वह दूसरी क्लास में था, तो स्कूल जाना बंद करना पड़ा। वह बिस्तर से उठ नहीं पाता था। इस वजह से उसका वजन लगातार बढ़ता जा रहा था।
जीवन संकट में देख सहम गया था
मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रदीप चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन से पहले जब मिहिर को पता चला कि उसका जीवन संकट में है तो कुछ समय के लिए वह सहम गया था, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उसने अमल शुरू किया तो तेजी से वजन गिरने लगा।
छोटे औजार भी हो गए थे बेकार
डॉ. चौधरी ने बताया कि उसका वजन करीब 196 किलो कम हो गया। इसके बाद हमें लगा कि और वजन कम करने के लिए सर्जरी करनी पड़ेगी। हालांकि सर्जरी के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज की मांसपेशियों के नीचे फैट की 10 इंच तक की लेयर थी, जो ऑपरेशन को मुश्किल बना रही थी। सामान्य औजार इसके लिए काम नहीं आ रहे थे। टारगेट एरिया तक पहुंचने के लिए उन्होंने बड़े औजारों का इस्तेमाल किया।