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भारत बंद : दिल्ली में सड़कों पर निकल मजदूरों ने सरकार को दिखाया आईना, बैंकों में काम प्रभावित
Wed, 08 Jan 2020 08:47 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 08 Jan 2020 08:47 PM IST
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प्रदर्शन में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार की नीतियों के खिलाफ बुधवार को भारत बंद का असर दिल्ली में भी दिखाई दिया। राजधानी में अस्पतालों से लेकर बैंक और तमाम संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आईटीओ स्थित शहीदी पार्क और वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों ने रैलियां भी निकालीं। एसबीआई बैंक को छोड़ बाकी ज्यादातर बैंकों में लेन-देन का काम प्रभावित हुआ। हालांकि दिल्ली के थोक बाजारों में हड़ताल का असर नहीं दिखा जबकि अस्पतालों में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जरूर देखने को मिला।
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दरअसल, बुधवार को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और स्वतंत्र संघों की ओर से देशव्यापी हड़ताल की अपील की गई थी। इस अपील पर देश भर में हड़ताल रही। भारत बंद के समर्थन में दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर वामपंथी नेता बृंदा करात ने प्रदर्शन किया। इस दौरान अन्य वामपंथी नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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दिल्ली के कलावती अस्पताल, अरूणा आसफ अली, जीबी पंत हॉस्पिटल, एमसीडी मलेरिया, एलएनजेपी और जीबी पंत सहित तमाम अस्पतालों में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम किया। सरकारी कर्मचारियों के संगठन जेपीए और एनपीएचए की ओर से महासचिव एस एस नेगी और दिल्ली सेक्टर के अध्यक्ष विजय कुमार ने कई जगहों पर कर्मचारियों को संबोधित किया।
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इनका कहना था कि यह हड़ताल सरकारी क्षेत्र के हर संस्थान से जुड़ी है। निजीकरण की ओर बढ़ती भारत सरकार की नीतियां जनता के खिलाफ हैं। तमाम सरकारी विभागों में ठेकेदारी पर लोगों को रखा जा रहा है जबकि सालों से नौकरियां नहीं निकलीं हैं। बेरोजगार युवाओं को ये सरकार रोजगार देने में नाकाम रही है।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने भी जताया विरोध
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के प्रदेश स्तरीय समिति के सदस्य राजेश कश्यप ने कहा कि बारिश की वजह से अपेक्षाकृत कम लोग एकत्रित हुए। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स को भी इस प्रदर्शन जोड़ते हुए विरोध जताया गया।
इस प्रदर्शन को लेकर आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। दिल्ली में यातायात सेवाएं सामान्य रहीं। दिल्ली में 11 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 16 सूत्रीय मांगों को मुद्दा बनाया है। जानकारी के अनुसार बैंक कर्मचारियों की अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए), अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओए), भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघों और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ सहित विभिन्न यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया है। बैंकों में राशि जमा करने, निकासी करने, चेक क्लियरिंग और विभिन्न वित्तीय साधनों को जारी करने का काम हड़ताल की वजह से प्रभावित हुआ।
ये हैं प्रमुख मांगें
इस प्रदर्शन को लेकर आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। दिल्ली में यातायात सेवाएं सामान्य रहीं। दिल्ली में 11 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 16 सूत्रीय मांगों को मुद्दा बनाया है। जानकारी के अनुसार बैंक कर्मचारियों की अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए), अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओए), भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघों और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ सहित विभिन्न यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया है। बैंकों में राशि जमा करने, निकासी करने, चेक क्लियरिंग और विभिन्न वित्तीय साधनों को जारी करने का काम हड़ताल की वजह से प्रभावित हुआ।
ये हैं प्रमुख मांगें
- निजीकरण, निगमीकरण, ठेकेदारी प्रथा को तत्काल बंद किया जाये। इसका जनहित में रोका जाना चाहिए।
- नई पेंशन योजना रद्द करने के साथ साथ सभी के लिए घोषित लाभ आधारित गैर अंशदाई पुरानी पेंशन योजना बहाल होनी चाहिए।
- ठेके पर या ठेकेदारों के माध्यम से काम कर रहे कामगारों, दिहाड़ी, अस्थायी, एडहॉक व पार्ट टाइम कर्मचारियों, डाक सेवकों और सरकारी क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के काम में नियुक्त लाखों योजना कर्मियों सहित तमाम कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं में लगभग एक करोड़ खाली पदों को शीघ्र भरा जाए।