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दिल्ली पुलिस बनाम वकील झड़पः राज्यपाल अनिल बैजल ने कहा- आपस में बातचीत कर मामला सुलझाएं दोनों पक्ष
Sun, 10 Nov 2019 11:01 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 10 Nov 2019 11:01 PM IST
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तीस हजारी कोर्ट में वकील
- फोटो : अमर उजाला
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तीस हजारी कोर्ट में गत 2 नवंबर को वकीलों और पुलिस के बीच बवाल का मुद्दा फिर से तूल पकड़ता दिख रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने बीते शुक्रवार को ही वकीलों की हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित करने का संदेश दिया था, लेकिन अब तीस हजारी बार एसोसिएशन ने आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी होने तक सोमवार से फिर से हड़ताल करने की घोषणा कर दी है। इस फैसले का असर दिल्ली की अन्य अदालतों की बार एसोसिएशनों पर भी पड़ता दिख रहा है।
तीस हजारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एनसी गुप्ता ने रविवार को कहा कि वकील पर गोली चलाने के आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही है। जिला अदालतों की कॉर्डिनेशन कमेटी ने बीसीआई के आश्वासन पर हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई थी, लेकिन इस मामले में पुलिस का रवैया देखकर वकील चिंता में हैं।
बीसीआई के हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित करने के दो दिन बीतने के बाद भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इसलिए तीस हजारी अदालत में सोमवार से फिर वकीलों की हड़ताल शुरू होगी।
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उधर, जिला अदालतों की कॉर्डिनेशन कमेटी के सचिव धीर सिंह कसाना ने कहा कि वकील पर चली गोली के मुद्दे पर बीसीआई ने 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था, वह अधर में ही है। इसी कारण तीस हजारी कोर्ट की बार एसोसिएशन ने फिर से हड़ताल की घोषणा कर दी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपराज्यपाल से मुलाकात की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश सफल हुई तो हड़ताल को रोका भी जा सकता है। अगर उन्हें मुलाकात के बाद कोई बेहतर नतीजा नहीं मिला तो दिल्ली की अन्य निचली अदालतों में भी हड़ताल शुरू की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि गत 2 नवंबर को अदालत परिसर में कैदी लॉकअप के सामने वाहन खड़ा करने के मुद्दे पर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई थी। इस बीच, एक वकील को गोली लगने के बाद वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच बवाल हो गया था।
गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों से 4 नवंबर से हड़ताल शुरू की थी, जो शुक्रवार तक चली। बीसीआई ने आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम देकर हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित कर दी थी।
वहीं पुलिस और वकीलों के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए रविवार शाम एलजी हाउस में बैठक हुई। इस दौरान उपराज्यपाल अनिल बैजल ने वकीलों और पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वह सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत कर विवाद सुलझाएं।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मामले की न्यायिक जांच जारी है, जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल का दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा कोर्ट ने कहा था कि दोनों पक्ष बैठक कर मसले का हल निकालें।
वकील लगातार मांग कर रहे हैं कि पूरे बवाल में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। बैठक में दिल्ली पुलिस के अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
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तीस हजारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एनसी गुप्ता ने रविवार को कहा कि वकील पर गोली चलाने के आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही है। जिला अदालतों की कॉर्डिनेशन कमेटी ने बीसीआई के आश्वासन पर हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई थी, लेकिन इस मामले में पुलिस का रवैया देखकर वकील चिंता में हैं।
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बीसीआई के हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित करने के दो दिन बीतने के बाद भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इसलिए तीस हजारी अदालत में सोमवार से फिर वकीलों की हड़ताल शुरू होगी।
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उधर, जिला अदालतों की कॉर्डिनेशन कमेटी के सचिव धीर सिंह कसाना ने कहा कि वकील पर चली गोली के मुद्दे पर बीसीआई ने 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था, वह अधर में ही है। इसी कारण तीस हजारी कोर्ट की बार एसोसिएशन ने फिर से हड़ताल की घोषणा कर दी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपराज्यपाल से मुलाकात की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश सफल हुई तो हड़ताल को रोका भी जा सकता है। अगर उन्हें मुलाकात के बाद कोई बेहतर नतीजा नहीं मिला तो दिल्ली की अन्य निचली अदालतों में भी हड़ताल शुरू की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि गत 2 नवंबर को अदालत परिसर में कैदी लॉकअप के सामने वाहन खड़ा करने के मुद्दे पर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई थी। इस बीच, एक वकील को गोली लगने के बाद वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच बवाल हो गया था।
गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों से 4 नवंबर से हड़ताल शुरू की थी, जो शुक्रवार तक चली। बीसीआई ने आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम देकर हड़ताल 10 दिन के लिए स्थगित कर दी थी।
वहीं पुलिस और वकीलों के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए रविवार शाम एलजी हाउस में बैठक हुई। इस दौरान उपराज्यपाल अनिल बैजल ने वकीलों और पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वह सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत कर विवाद सुलझाएं।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मामले की न्यायिक जांच जारी है, जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल का दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा कोर्ट ने कहा था कि दोनों पक्ष बैठक कर मसले का हल निकालें।
वकील लगातार मांग कर रहे हैं कि पूरे बवाल में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। बैठक में दिल्ली पुलिस के अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।