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काम के बजाय ‘दाम’ कमाने में लगी क्राइम ब्रांच भंग
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 03 Sep 2014 11:16 PM IST
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कार्य में शिथिलता, भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों से घिरी क्राइम ब्रांच को एसएसपी ने बुधवार रात भंग कर दिया। क्राइम ब्रांच में 60 पुलिसवाले थे, जिन्हें लाइन हाजिर किया गया है।
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इनमें 8 इंस्पेक्टर, 8 सब-इंस्पेक्टर, 4 हेड कांस्टेबल और 40 कांस्टेबल थे, जो वैशाली में हुई राज्यसभा टीवी प्रोड्यूसर मिलिता हत्याकांड समेत 94 मामलों की जांच कर रहे थे।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही नई क्राइम ब्रांच का गठन किया जाएगा, जिसमें तेज तर्रार और साफ छवि के पुलिसवालों को शामिल किया जाएगा। क्राइम ब्रांच में कई पुराने पुलिसवालों को भी शामिल किया जाएगा, जो बेहतर काम करते हैं।
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उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी जांच कराई गई। जांच में पाया कि केस पेंडिंग पड़े हैं, कोई काम नहीं हो रहा है।
बता दें कि क्राइम ब्रांच का गठन करीब डेढ़ साल पहले किया गया था। इसके प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी थे।
उनके अलावा इंस्पेक्टर राशिद अली, वीर विक्रम सिंह आदि भी थे। जिले में हुई सभी बड़ी घटनाओं की जांच क्राइम ब्रांच ही कर रही थी। क्राइम ब्रांच में ही इन्वेस्टीगेशन सेल बनाई गई थी।