शराब बिक्री के खिलाफ हाथों में दराती ले सड़क पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं
- हाथों में दराती लेकर सड़क पर उतरीं, चार घंटे तक लगाया जाम
- एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस को ठेके पर लगाना पड़ा ताला
- कई किलोमीटर लंबी वाहनों की लगी लाइन, यात्री रहे परेशान
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एक तरफ बिहार में शराब बंदी लागू हुई तो दूसरी ओर जिले के पटौदी स्थित वार्ड नंबर एक के शराब ठेके को हटाने के विरोध में शुक्रवार को महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। हाथों में दराती लेकर सैकड़ों महिलाएं कस्बे के मुख्य मार्ग पर आ गईं। घटना सुबह करीब छह बजे की है।
म लगाने की वजह से करीब चार घंटे तक पटौदी का संपर्क शहर और दूसरे क्षेत्रों से कट गया। महिलाएं घर से निकलीं तो थीं सुबह गेहूं की लावणी करने के लिए, लेकिन योजना बनाकर शराब ठेका हटवाने को लेकर रोड पर बैठ गईं। महिलाओं ने शराब ठेके के बिल्कुल सामने पटौदी-बिलासपुर मार्ग व दूसरी ओर कुलाना मार्ग को जाम कर दिया।
इसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए और नौकरीपेशा कार्यालय नहीं जा सके। जाम की सूचना मिलते ही पटौदी थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। महिलाओं का आरोप है कि शराब पीने वाले लोग वहां पर ही बैठकर शराब पीकर आपस में गाली-गलौच करते हैं।
इससे छोटे बच्चों, लड़कियों व महिलाओं का यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को काफी देर तक समझाया, लेकिन उन्होंने जाम नहीं खोला। अधिकारियों ने महिलाओं को शराब के ठेके को यहां से हटवाने का आश्वासन दिया, इसके बावजूद वह टस से मस नहीं हुईं।
बच्चों और लड़कियों का निकलना मुश्किल
धूप में मुख्य मार्ग पर ईंट डालकर बैठी रहीं। एसडीएम रविंद्र यादव व एसीपी नारायणचंद ने पुलिस से ठेके पर ताला लगवाया, तब जाकर करीब दस बजे जाम खुला और लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीएम ने कहा कि जब तक महिलाओं और ठेकाधारक के बीच मीटिंग हो नहीं जाती, तब तक ठेका बंद रहेगा।
जाम के कारण पटौदी-बिलासपुर मार्ग, पटौदी-कुलाना मार्ग, पटौदी-रेवाड़ी, पटौदी जमालपुर सड़क सहित अन्य सभी मार्गों पर वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई। यात्रियों व चालकों को चार घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। वाहन चालक जाम खुलने का इंतजार करते रहे।
जाम के कारण स्कूली बच्चों की बसें भी घंटों जाम में फंसी रहीं। जिससे स्कूल समय पर बच्चे नहीं पहुंचे। पटौदी में शराब ठेका हटाने के विरोध में महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिलाएं सिर्फ एक ही रट लगाए हुए थीं कि जब तक ठेका यहां से नहीं हटेगा, वह रोड पर बैठी रहेेंगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार ने शराब पर पूर्णरूप से अंकुश लगा दिया है। महिलाएं चाहती हैं कि शराब बिक्री यहां भी पूर्णरूप से बंद हो। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने शराब बंद कर दी थी।