महिलाएं देती हैं पहरा, पुलिस करती है छेड़छाड़
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मिर्जापुर के लोगों की रातों की नींद गायब है। रात भर महिलाएं पहरेदारी कर रही हैं, क्योंकि पुरुष पुलिस के डर से घर से भागे हुए हैं। महिलाओं का आरोप है कि दबिश देने आने वाली पुलिस महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करती है।
इसके अलावा निर्दोष नाबालिगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उन्हें जेल भेजा है। जल्द ही ग्रामीण जिलाधिकारी से मामले की शिकायत करेंगे।
बता दें कि, 6 दिसंबर को गुमशुदा डेयरी संचालक ओमप्रकाश उर्फ धन्नी के शव मिलने पर मौके पर पहुंचे एसएसआई दिलीप विंद और एसआई रामाश्रय सिंह की ग्रामीणों ने पिटाई की थी।
इसी मामले में पुलिस ने 8 दिसंबर की आधी रात मिर्जापुर में दबिश देकर पार्षद पति और पूर्व पार्षद सहित 26 लोगों को गिरफ्तार किया।
महिलाओं ने सुनाई आपबीती
पुलिस ने लूट और हत्या की कोशिश सहित कई अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। ओमप्रकाश के हत्यारों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
धर्मपाल ने बताया कि उनके बेटे ओमकार उर्फ रोबिन की उम्र 17 साल है और पुलिस ने उसे भी जेल भेज दिया है। मिर्जापुर गांव में रहने वाली महिलाओं का कहना है कि पुलिस ने सोमवार की आधी रात दबिश दी तो घरों के दरवाजे तोड़ डाले।
कुछ घरों के दरवाजे नहीं तोड़ पाए तो पुलिसकर्मी छतों पर चढ़कर घर में घुसे। घरों में सो रही महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ और गाली गलौज की। घर में नामजद नहीं मिला तो अन्य पुरुषों को पुलिस उठाकर ले गई।