छेड़छाड़ मामले में कुमार विश्वास की याचिका पर महिला और पुलिस तलब
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हाईकोर्ट ने आप नेता कुमार विश्वास के खिलाफ यौन शोषण मामले में शिकायतकर्ता महिला व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विश्वास ने बिना आधार के मुकदमा दर्ज करने संबंधी ट्रायल कोर्ट के निर्णय को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा ने महिला को भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न विश्वास की याचिका स्वीकार कर ली जाए।
अदालत ने मामले की सुनवाई 21 जुलाई को तय की है। अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान पुलिस ने तर्क रखा कि उसने महिला की शिकायत के बाद जांच की और कुमार के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलें हैं। इतना ही नहीं महिला बार-बार अपना बयान भी बदल रहीं है।
कुमार विश्वास की तरफ से पेश अधिवक्ता एचएस फुल्का ने कहा कि पुलिस को उनके मुव्विकल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलें हैं। निचली अदालत ने अति उत्साह में कुमार के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
कुमार ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित
अदालत ने ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है जो जमानती हैं। गौरतलब है कि कुमार ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि महिला के आरोप निराधार है।
वह बार-बार अपने बयान बदल रही है। पहले उसने इस मुद्दे पर मीडिया ट्रायल किया। जब उन्होंने इस बात को अहमियत नहीं दी तो महिला ने यह कदम उठाया है। कुमार के अनुसार महिला के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला के साथ अभद्रता होती तो क्या वह इस तरह उसका प्रचार करती।
गत 16 मार्च को निचली अदालत ने महिला की शिकायत पर अदालत ने कुमार के खिलाफ यौन शोषण की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
सरोजनी नगर थाने में कुमार के खिलाफ शारीरिक शोषण व ऐसी हरकत या शब्द कहना जिससे महिला की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है।महिला ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान कुमार द्वारा अभ्रद व्यवहार करने का आरोप लगाया है।