सैकड़ों को बचाने के लिए ट्रेन के सामने खड़ी हो गई महिला
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चिलबिला-जगेसरगंज रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार शाम वाराणसी से नई दिल्ली जा रही काशी-विश्वनाथ एक्सप्रेस केवल गांव की रहने वाली बहादुर महिला श्यामा पटेल की सूझबूझ के कारण हादसे से बच गई।
खेत से काम करके लौट रही श्यामा ने पटरी टूटी देखी तो लाल शॉल लेकर पटरी पर खड़ी हो गई और उसे लहराने लगी। ट्रेन आउटर से महज दो सौ मीटर दूरी पर थी तो चालक की नजर उस पर पड़ी और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाया।
लेकिन तब तक ट्रेन हिचकोले खाते आधी टूटी पटरी पार कर गई पर कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के कारण वाराणसी-लखनऊ रेल मार्ग दो घंटे तक ठप रहा।
तेज झटके से सहम गए यात्री
घटना के कारण वाराणसी और लखनऊ रेल मार्ग के बीच ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। पीछे से आ रही दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस को चिलबिला में रोक दिया गया।
लखनऊ की ओर से आने वाली गाड़ियों को भी बीच में रोका गया। पीडब्ल्यूआई अजय आनंद ने बताया कि खुले पटरियों के जोड़ को ठीक करके ट्रेनों को रवाना किया गया।
मासूम बेटी संग मां ने ट्रेन से कटकर जान दी
शुक्रवार देर रात करीब दो बजे रांची से नई दिल्ली एक्सप्रेस की चपेट में आकर 42 वर्षीय महिला मेरी गादलिया की मौत हो गई। झारखंड की रहने वाली महिला भाई के साथ अपने गांव से लौट रही थी।
रन थ्रू लाइन पर ट्रेन धीमी हुई तो वह गाजियाबाद में उतरने लगी। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गई। नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर एक महिला शनिवार को ढाई साल की बच्ची को गोद में लेकर ट्रेन के आगे लेट गई।
लोग उसे रोक पाते इससे पहले ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बच्ची की मौत अस्पताल ले जाते हुई । मां-बेटी की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
बच्ची संग लेटी रेलवे ट्रैक पर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार शाम करीब साढ़े 4 बजे 35 वर्षीय महिला दिल्ली से मेरठ की ओर जाती ट्रेन को देखकर ढाई साल की बच्ची के साथ रेलवे ट्रैक पर लेट गई। लोगों ने शोर मचाकर उसे रोकने की कोशिश की, इसी बीच ट्रेन आ गई।
महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घायल बच्ची को उठाकर राहगीरों ने उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर बच्ची की नाजुक हालत देख जीटीबी अस्पताल रेफर किया।
दिल्ली जे जाते वक्त बच्ची की मौत हो गई। सिहानीगेट एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है, हालांकि घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मां-बेटी की शिनाख्त के प्रयास कराए जा रहे हैं।
बचाने के चक्कर में चपेट में आया वेंडर
यात्री को बचाने के चक्कर में शनिवार को एक वेंडर की जम्मू मेल की चपेट में आकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार की रात करीब 10 बजे जम्मू मेल प्लेटफार्म नंबर एक से चलने लगी तो एक यात्री दौड़ते हुए ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहा था।
ट्रेन में खड़े वेंडर रवि ने यह देखा तो यात्री का हाथ पकड़कर अंदर खींच लिया और खुद ट्रेन से उतरने लगा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच में गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।