दिल्ली में एक और निर्भया!: एक शख्स ने अंदर खींचा, चालक चलाने लगा बस, शादीशुदा महिला से दरिंदगी की पूरी कहानी
मंगोलपुरी में काम से लौट रही 30 वर्षीय महिला से निजी स्लीपर बस में चालक उमेश और कंडक्टर राजेंद्र ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बस जब्त कर ली है। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में काम से घर लौट रही 30 वर्षीय शादीशुदा महिला को एक निजी स्लीपर बस के अंदर घसीटकर ले जाया गया और चालक व परिचालक ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। हालांकि पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म आदि का मामला दर्जकर दोनों आरोपियों चालक उमेश और कंडक्टर राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। बस को जब्त कर लिया गया है। बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साल 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म कांड की याद दिलाने वाली यह घटना 11 मई को हुई।
पुलिस सूत्रों ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि महिला मंगोलपुरी इलाके की एक फैक्टरी में काम करने के बाद घर लौट रही थी। सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास पहुंचते ही उसने आरोपियों में से एक को बस के दरवाजे के पास खड़ा देखा और उससे समय पूछा। इसके बाद एक आरोपी ने उसे बस के अंदर खींच लिया और नांगलोई की ओर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विवाहित और तीन बच्चों की मां के बयान के अनुसार, दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस समय महिला पर हमला हुआ, उस समय बस नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी थी। बस को जब्त कर लिया गया है। बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रम सिंह ने एक वीडियो बयान में कहा है कि रानी बाग थाने में हमें एक महिला के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली। तुरंत उसका बयान दर्ज किया गया और बिना देरी किए प्राथमिकी दर्ज की गई। डीसीपी ने बताया कि महिला के बयान के आधार पर 12 मई को रानी बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) (दुष्कर्म), 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस को इस घटना की जानकारी सबसे पहले महिला की पीसीआर कॉल से मिली, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि दो व्यक्तियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया-
आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गईं। प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे को चार घंटे बाद पकड़ लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को शहर की अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अधकारियों के अनुसार पुलिस टीमें मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं। आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए टीमें सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा कर रही हैं। जांचकर्ता इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या बस में स्वचालित दरवाजे थे।
घटना से गरमाई राजनीति-
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा है कि हमने निर्भया की घटना से कुछ नहीं सीखा। यह घटना पूरे समाज पर एक कलंक है। उनकी आम आदमी पार्टी ने भी इस घटना की तुलना निर्भया मामले से की और इसे बहुत शर्मनाक बताया। ’आप'' की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना की निंदा की। बस दिल्ली के रानी बाग इलाके में 7 किलोमीटर तक घूमती रही।
महिला को ऐसे बस में खींचा-
जानकारी के अनुसार, पीड़िता 30 वर्षीय महिला परिवार सहित पीतमपुरा इलाके में स्थित झुग्गियों में रहती है। वह सोमवार रात मंगोलपुरी स्थित फैक्टरी से काम करने के बाद घर लौट रही थी। पीड़िता ने बताया कि उसे कुछ दूरी के लिए ई रिक्शा मिल गया था। इसके बाद वह सरस्वती विहार इलाके में पैदल चल रही थी। जब वह बी ब्लॉक बस स्टैंड के पास पहुंची थी कि तभी वहां एक निजी स्लीपर बस आकर रुक गई। पुलिस को दिए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि बस का दरवाजा खुला तो उसने एक शख्स से समय पूछा। इस पर उस शख्स ने उसे बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद दरवाजा बंद लिया। चालक बस चलाने लगा, जबकि पीड़िता के साथ चलती हुई बस में दोनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया।