बेटी की मौत ने झकझोरा, मां ने उठाया बड़ा कदम
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गाजियाबाद से नोएडा-दिल्ली जाते समय सफेद ड्रेस पहने इस महिला को आपने ट्रैफिक कंट्रोल करते बहुतों बार देखा होगा। जिंदगी की आपाधापी में इनके बारे में सोचने का शायद समय आपको न मिला हो। या जरूरत न समझी हो। तो आइए हम आपको इनके बारे में बताते हैं।
हाथ में डंडा लेकर किसी भी कुशल ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तरह यातायात को संचालित करतीं ये हैं डोरिस फ्रांसिस। 57 बरस की फ्रांसिस रोज सुबह 7 से 11 बजे तक एनएच 24 स्थित खोड़ा पुश्ता पर ट्रैफिक कंट्रोल करती हैं।
औरों की जिंदगी की फिक्र करने वाली डोरिस की जिंदगी में हुए एक हादसे ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दे दिया। असल में 17 साल की युवा बेटी को हादसे में खोने के बाद डोरिस ने यह फैसला किया कि वे किसी और को ऐसे दर्द से नहीं गुजरने देंगी। छह साल से रोजाना सुबह ट्रैफिक कंट्रोल करने का उनका यह सिलसिला जारी है।
वो नौ नवंबर 2008 की सुबह थी!
खोड़ा कालोनी डोरिस बताती हैं कि वह नौ नवंबर 2008 की सुबह थी। उनकी छह संतानों में से सबसे छोटी बेटी निक्की बीमार थी। दिल्ली से डॉक्टर को दिखाने के बाद ऑटो से वापस लौट रही थीं। उनके साथ पति विक्टर भी थे।
एनएच-24 पर जैसे ही आटो इतवार पुश्ता की ओर मुड़ा, गाजियाबाद की ओर से जाते तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे तीनों घायल हो गए और तीनों को ही अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। इलाज के बाद पति और डोरिस तो स्वस्थ हो गए लेकिन एक वर्ष तक मौत से लड़ने के बाद आखिर निक्की ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
इस हादसे से डोरिस टूट गईं। बाद में उन्होंने फैसला किया कि अब वे किसी दूसरे की जिंदगी में इतवार पुश्ता पर ऐसा हादसा नहीं होने देंगी। यही सोचकर ट्रैफिक कंट्रोल करने निकल पड़ीं।
6 वर्ष में इतवार पुश्ते पर नहीं हुआ कोई हादसा
गाजियाबाद में ट्रैफिक की जानकारी अब आपको एफएम के जरिये मिले तो चौंकिएगा नहीं। दरअसल, दिल्ली की तरह गाजियाबाद में भी एफएम से लोगों को जाम और रूट डायवर्जन की जानकारी देने की योजना शुरू हो रही है।
प्रयोग सफल रहा तो इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। अभी तक लखनऊ समेत के कई अन्य जिलों में भी एफएम पर जाम संबंधी जानकारी दी जाती है मगर वह जानकारी स्थानीय लोग एफएम को देते हैं। अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी लोकल एफएम स्टेशन से संपर्क कर जाम संबंधी जानकारी देंगे।
ट्रैफिक गाजियाबाद की बड़ी समस्याओं में से एक है। यहां भी दिल्ली की तर्ज पर ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। एफएम के जरिए हर घंटे चौराहों की स्थिति को प्रसारित किया जाएगा। इसके लिए पुलिस स्थानीय एफएम स्टेशन से संपर्क साध रही है। सबसे पहले गाजियाबाद में इसकी शुरुआत की जा रही है।
अगर गाजियाबाद में यह प्रयोग सफल होता तो नोएडा और मेरठ में भी इसकी शुरुआत होगी। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि एफएम के जरिए लोगों तक ट्रैफिक स्थिति बताने की योजना है। इस योजना की शुरुआत सबसे पहले गाजियाबाद से की जा रही है।