मोदी का वादा, स्टैंडअप इंडिया से दलितों-महिलाओं की बदलेगी तकदीर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्टैंडअप योजना की शुरूआत कर आर्थिक रूप से पिछड़े दलितों, आदिवासियों व महिलाओं की तकदीर बदलने की कोशिश शुरू की है। यही नहीं बैंकों को भी ऐसे लोगों के घर तक पहुंचने का आह्वान किया। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ई-रिक्शा का वितरण सहयोग की भूमिका में होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में दलित, आदिवासियों और महिलाओं पर अपना पूरा फोकस रखा। उन्होंने कहा कि स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत देश भर के 1,25,000 बैंकों की प्रत्येक शाखाओं को दो-दो लाभार्थी चुनकर उनको 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन व्यवसाय शुरू करने के लिए देना होगा। इसमें एक दलित तो दूसरी महिला होगी।
उनका साफ कहना था कि लाभार्थी उसी शाखा के इर्द-गिर्द के होंगे। इससे पूरे देश में विकास की बयार बह सकेगी। यही नहीं उन्होंने साफ तौर पर इससे दलितों को जोड़ने को कहा।
पीएम ने महिलाओं को इसका लाभ दिलाने को कहा
अगर उस इलाके में दलित नहीं हों तो फिर एक आदिवासी को चुनना होगा। इसके अलावा महिलाओं को इसका लाभ दिलाने को कहा। इसके अलावा छोटे व्यवसायियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में 10 लाख तक लोन की व्यवस्था रहेगी। इससे उन छोटे-छोटे व्यवसायियों को लाभ मिलेगा, जो फुटपाथ और पटरियों पर अपना व्यापार करते हैं और उनको केवल पांच से दस हजार या पचास हजार रुपये के लोन पर अपना व्यापार शुरू करना होता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने नोएडा स्थित सभा स्थल से ही स्टैंडअप इंडिया के लोगो और पोर्टल का रिमोट से उद्घाटन किया। अब यह पोर्टल आम जनता के सामने होगी। स्टैंडअप इंडिया पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन समारोह स्थल पर किया गया। छह मिनट के फिल्म दौरान एक जगह तकनीकी दिक्कत आ गई और कुछ देर के लिए फिल्म से आवाज गायब हो गई। केवल चित्र ही दिख रहा था। हालांकि कुछ देर के बाद यह खुद ब खुद ठीक हो गया।
समारोह स्थल पर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल केंद्र, बैटरी बैंक और बैंकिंग सर्विस एक्सेस मैप का उद्घाटन किया। यह तीनों योजनायें जनता की सहूलियत के लिए थी।