प्रदूषण फैलाने और कचरा जलाने पर होगी कार्रवाई
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एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी के नगर निगमों, नोएडा विकास प्राधिकरण और हरियाणा सरकार से प्रदूषण फैलाने वाले बड़े बिल्डरों की जानकारी मांगी है।
धूल, खुले में प्लास्टिक व ठोस कचरा जलाने की स्टेटस रिपोर्ट 12 मार्च तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि प्राधिकरण बताएं कि प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
प्राधिकरणों से दिल्ली-एनसीआर में 2000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर निर्माण के दौरान प्रदूषण फैलाने वाले बिल्डर की ओर से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सीमेंट कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप
मंगलवार को हुई सुनवाई में बेंच ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम, हरियाणा व यूपी की ओर से पेश अधिवक्ताओं से बिल्डरों द्वारा फैलाने वाले प्रदूषण की स्थिति पूछी।
एनसीआर में प्रमुख सीमेंट कंपनियों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगा है। एनजीटी में दाखिल एक याचिका में इसका जिक्र किया गया।
इसमें गया है कि ट्रिब्युनल के आदेश के बावजूद कंपनियां ट्रकों को ओवरलोड कर माल सप्लाई करती हैं। मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।