एक साल बाद विधवा मां को मिला न्याय, जुर्माने के साथ दिया दाखिले का आदेश
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मनमानी पर उतारू निजी स्कूलों पर अब अदालत का शिकंजा कसने लगा है। गरीब बच्चों का दाखिला करने पर आनाकानी कर रहे एक बड़े निजी स्कूल के खिलाफ सुनवाई करते हुए स्थानीय अदालत ने स्कूल पर जुर्माना लगाते हुए बच्चे को दाखिला देने का आदेश दिया है।
बता दें कि हरियाणा शिक्षा नियमावली की 134ए के तहत साउथ सिटी स्थित केआर मंगलम वल्र्ड स्कूल में झाड़सा गांव के रहने वाले जरूरतमंद छात्र मनीत ठाकरान ने वर्ष 2015 में छठीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन किया था।
उस समय ड्रॉ के जरिये स्कूल में भी भेजा गया, लेकिन स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया। विभाग का चक्कर काट-काटकर परेशान होने के बाद मनीत की मां सुदेश ने मामले को जिला अदालत में ले जाने का निर्णय लिया।
11 अप्रैल 2016 को मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे यशवेंद्र पाल सिंह की अदालत ने स्कूल पर 5 हजार रुपये जुर्माना के साथ दाखिला देने का आदेश दिया और मंगलवार को कोर्ट में स्कूल प्रबंधक को हाजिर होने को कहा था।
लेकिन, जब मंगलवार को सुदेश अपने बच्चे को लेकर दाखिला दिलाने गई तो स्कूल ने मना कर दिया। सुदेश का आरोप है कि उनके साथ बदतमीजी की और उन्हें बाहर कर दिया। वहीं, ज्योति ग्रोवर की अदालत ने सुनवाई करते दाखिला देने को कहा है और स्कूल पक्ष को तलब करते हुए 28 अप्रैल की सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है।
सीएम विंडो में दी शिकायत
दाखिला नहीं मिलने से परेशान मनीत की मां सुदेश ने मंगलवार को सीएम विंडो और उपायुक्त के पास इस बाबत शिकायत दी है। सुदेश ने बताया कि वह एक विधवा महिला है। पात्रता होने के बावजूद उसके बच्चे को दाखिला नहीं दिया जा रहा है।
एक वर्ष से कोर्ट का चक्कर काटने और आदेश के बावजूद स्कूल दाखिला देने से इंकार कर रहे हैं। मंगलवार को सीएम मनोहर लाल से बच्चे को दाखिला दिलाने की गुहार लगाई गई है।