परिजन नहीं चाहते कि मरीज का इलाज हो जाए
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नोएडा के सेक्टर-24 क्षेत्र स्थित मेट्रो अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर उस वक्त एक मरीज के तीमारदारों ने हंगामा मचा दिया, जब तीमारदारों ने अपने मरीज को वेंटिलेटर से हटाने कर उसे छुट्टी देने की मांग कर डाली। इस बात को लेकर काफी देर तक वहां परिजन हंगामा करते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। फिलहाल मरीज का इलाज मेट्रो अस्पताल में ही जारी है।
पुलिस ने बताया कि सेक्टर-12 निवासी सुभाष चंद्र (62) को दिल की बीमारी के इलाज के लिए 11 फरवरी को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 16 फरवरी को सुभाष चंद्र को वेंटिलेटर पर रख दिया गया।
मरीज के तीमारदारों ने बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे हंगामा करने लगे कि अब वह सुभाष का इलाज नहीं करा सकते और अब अस्पताल प्रशासन वेंटिलेटर से हटाकर मरीज को छुट्टी दे।
वहीं अस्पताल ने डिस्चार्ज करने से कर दिया मना
अस्पताल ने मरीज की बीमारी की गंभीरता को समझते हुए वेंटिलेटर हटाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच कहा सुनी शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
मौके पर सेक्टर-24 थाने की पुलिस पहुंची और हंगामा शांत कराया। मेट्रो अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव मल्होत्रा ने बताया कि अगर परिजन रुपयों की वजह से मरीज का इलाज नहीं करा सकते तो वह लिखित में अस्पताल को दे दें।
उनसे आगे का बिल नहीं लिया जाएगा। वहीं, सेक्टर-24 थाना प्रभारी उमेश रोरिया का कहना है कि जांच की गई है सुभाष चंद्र की हालत गंभीर है जिसकी वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। हंगामा शांत करा दिया गया।