कैसे सीएम का पसंदीदा बन गया उनका ही दुश्मन
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हरियाणा के 1985 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी संजीव कुमार हमेशा विवादित रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में व्हिसल ब्लोअर बनकर उसने जेबीटी शिक्षक भर्ती में खामियां उजागर करने का दावा किया था।
मगर बाद में सीबीआई जांच में वह स्वयं दोषी पाया गया था। चौटाला समेत 55 आरोपियों के साथ उसे भी जेल जाना पड़ा था। संजीव व ओमप्रकाश चौटाला समेत पांच आरोपियों को 10-10 वर्ष की और अन्य आरोपियों को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
संजीव कभी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला का विश्वासपात्र हुआ करता था। मगर जब जेबीटी शिक्षकों की भर्ती लिस्ट में कुमार की पसंद के लड़कों के नाम शामिल नहीं किए गए थे तो वह चौटाला के खिलाफ हो गया।
उसने जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले का खुलासा करते हुए वाहवाही लूटने की योजना बनाई थी। संजीव पर वर्ष 2013 में तिहाड़ जेल की जेल संख्या चार में भी हमला हुआ था।
जमानत पर बाहर आया था पूर्व आईएएस
शिकायत मिलने पर दिल्ली पुलिस के हरिनगर थाने में मामला दर्ज हुआ था। तब भी उसने चौटाला पर हमला करवाने का आरोप लगाया था।
संजीव डेढ़ वर्ष जेल में रहने के बाद इलाज कराने के लिए जमानत पर बाहर चल रहा था। उसका इहबास में इलाज हुआ था। हाल ही में हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखे थे।
वह न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में दोस्त मुस्तफा के घर में ही छिपकर रह रहा था। सीबीआई की टीम संजीव कुमार को तलाश कर रही थी।
कई करोड़ की प्रापर्टी का विवाद
रविंद्र यादव ने बताया कि संजीव और मुस्तफा की दोस्ती बहुत ही गहरी थी। आईएएस बनने के बाद संजीव की पहली तैनाती हरियाणा के नारायणगढ़ में बतौर एसडीएम हुई थी तब इनमें दोस्ती हुई थी।
बताया जा रहा है कि संजीव व टिक्का हुसैन के बीच करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है। इसके चलते संजीव टिक्का की हत्या करवाना चाहता था। हालांकि फरार आरोपी संजीव कुमार को पनाह देने के आरोप में टिक्का भी सीबीआई के निशाने पर आ गए हैं।