{"_id":"5825c3344f1c1bf77eb3aeba","slug":"why-kejriwal-is-not-happy-after-demonetization","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने से परेशान क्यों है केजरीवाल'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने से परेशान क्यों है केजरीवाल'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने पांच सौ और एक हजार रुपये के बंद करने के मामले में विडियो जारी करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सवालों की बौछार की। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री के फैसले से उनको क्या दिक्कत हुई है?
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के विडियो से लग रहा है कि मानों उनके पास बड़ी मात्रा में काला धन है और उस धन का इस्तेमाल पंजाब चुनाव में करना था। सतीश उपाध्याय ने शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर खूब निशाना साधा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोपी मायावती, मुलायम सिंह जैसे नेताओं के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और प्रधानमंत्री के काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक पर उनकी प्रतिक्रिया कांग्रेस जैसी है। जबकि आम आदमी ने प्रारंभिक तकलीफ के बावजूद प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत किया है।
विज्ञापन
'सही दिशा में दूरगामी कदम'
सतीश उपाध्याय
उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रबल राजनीतिक विरोधी नीतीश कुमार, नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री के निर्णय को सही दिशा में दूरगामी कदम बताया है। वहीं भ्रष्टाचार एवं काले धन के उपयोग के लिए आरोपित कांग्रेस, समाजवादी पार्टी एवं बसपा की प्रतिक्रियाएं भी समझ सकते हैं, लेकिन अरविन्द केजरीवाल काले धन पर युद्धघोष के साथ राजनीति में आये थे।
इस कारण उनकी बौखलाहट एवं प्रतिक्रिया समझ से परे है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि वह सरकार के वर्तमान अभियान पर प्रश्न क्यों उठा रहे हैं। क्या यह सच नहीं कि काले धन एवं नकली नोटों का उपयोग देश को अस्थिर करने के लिए किया जाता है। ऐसे उन्हें इसके विरूद्ध अभियान पर आपत्ति क्यों है?
इस कारण उनकी बौखलाहट एवं प्रतिक्रिया समझ से परे है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि वह सरकार के वर्तमान अभियान पर प्रश्न क्यों उठा रहे हैं। क्या यह सच नहीं कि काले धन एवं नकली नोटों का उपयोग देश को अस्थिर करने के लिए किया जाता है। ऐसे उन्हें इसके विरूद्ध अभियान पर आपत्ति क्यों है?