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'सरकार बताए कि अबतक क्यों नहीं बना राहतकोष'

Thu, 23 Jul 2015 08:29 AM IST
Updated Thu, 23 Jul 2015 08:29 AM IST
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Why could not make Fund yet : High Court

हाईकोर्ट ने रेप व अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं को मुआवजा प्रदान करने के लिए अभी तक पीड़ित महिला कोष न बनाने पर सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है।

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अदालत ने सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या कोष बना दिया गया है, या नहीं। यदि नहीं बनाया गया तो ऐसा क्यों। न्यायमूर्ति बीडी अहमद व संजीव सचदेव की खंडपीठ ने सरकार को मामले में 10 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग को भी नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि पीड़िता के लिए वन स्टॉप सेंटर (जहां उपचार, कानूनी सलाह, मुआवजा आदि सुभी सुविधाएं) को कैसे चलाया जाएगा।

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सरकार ने 31 मार्च तक बनाने का किया था वादा

Why could not make Fund yet : High Court

खंडपीठ 16 दिसंबर 2012 में हुए गैंगरेप की घटना के बाद महिलाओं के प्रति राजधानी में हो रहे अपराधों पर चल रही जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

वकीलों की हड़ताल के कारण संक्षिप्त सुनवाई के दौरान दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) के सचिव धर्मेश शर्मा ने अदालत को बताया कि सरकार ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए बनाए जाना वाला पीड़ित महिला मुआवजा कोष अभी तक नहीं बनाया है।

जबकि सरकार ने 31 मार्च तक इसे बनाने का वादा किया था। इससे पूर्व अदालत ने महिलाओं के सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने, अतिरिक्त फोरेंसिक लैब खोलने, पीड़िता के लिए मुआवजा कोष व वन स्टॉप सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे।

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