'श्रद्धा को मैंने नहीं मारा': पूरी दुनिया के सामने हत्या की बात कबूल करने वाला आफताब आखिर अब क्यों मुकरा?
दिल्ली पुलिस ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को 12 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया था कि हत्या के बाद श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए और टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम के जंगल में फेंक दिया था।
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श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में अदालत ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ मंगलवार को हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत आरोप तय किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने आफताब के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। हालांकि आरोपी आफताब ने वारदात में शामिल होने से इनकार कर दिया।
करीब छह महीने बाद दिल्ली की साकेत कोर्ट ने श्रद्धा वाल्कर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला पर हत्या, सबूत मिटाने की धाराओं के तहत आरोप तय किए। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आफताब के खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने का मामला बनता है। इस दौरान अदालत में आरोपी आफताब ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर दिया।
ऐसे में लोगों को आफताब के मुकरने पर हैरानी हुई। क्योंकि आफताब ने पुलिस पूछताछ के दौरान कभी ये नहीं कहा कि उसने श्रद्धा को नहीं मारा। यहां तक की आफताब की ही निशानदेही पर पुलिस ने श्रद्धा के शव के टुकड़ों को महरौली और गुरुग्राम के जंगल से बरामद किया। यहां तक उसकी वीडियोग्राफी तक की गई थी। उसने नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट के दौरान भी हत्या की बात को कबूल किया था। यहां तक कि एक बार तो उसने कोर्ट में जज के सामने श्रद्धा की हत्या करने की बात कबूली थी।
इसलिए किया श्रद्धा की हत्या इनकार
अब ऐसे में ये सवाल उठता है कि जब वह बीते छह महीने से हर जगह श्रद्धा की हत्या की बात कबूल करता आ रहा है तो अब अचानक क्या हुआ जो वह इससे साफ इनकार कर रहा है। माना जा रहा है कि उसे कानून की बारिकियों के बारे में सब पता है। आफताब ये जानता है कि उसके द्वारा कब, कहां और क्या बोलने से इस केस में क्या फर्क पड़ सकता है। उसे पता था कि अब तक दिए गए उसके सभी बयान कोर्ट में मान्य नहीं है। इसलिए जब मुकदमे की कार्रवाई शुरू हुई तो उसने इससे साफ इनकार कर दिया। उसे पता है कि अब अगर उसने कबूल कर लिया तो ये मुकदमा बहुत आसान हो जाता और कम वक्त में इस केस का फैसला आ जाता। आफताब ने इस केस को लंबा खींचने के लिए श्रद्धा की हत्या में अपना हाथ होने से इनकार कर दिया। अब वो इस केस को लड़ेगा और खुद को बेकसूर साबित करेगा।
18 मई की थी हत्या, 35 टुकड़े कर जंगल में फेंका
दिल्ली पुलिस ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को 12 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया था कि उसने श्रद्धा की हत्या गला दबाकर 18 मई 2022 को ही कर दी थी। हत्या के बाद उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए गए और टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम के जंगल में फेंक दिया।
हथियार और फ्रिज पुलिस के पास
पुलिस ने आफताब की निशानदेही पर शव के कई टुकड़े बरामद किए थे। इन टुकड़ों की डीएनएच जाांच में पुष्टि हुई थी श्रद्धा वाल्कर के ही हैं। पुलिस ने आरोपी का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाया था। पुलिस के पास श्रद्धा वाल्कर और आफताब के पुराने झगड़े के ऑडियो वीडियो फुटेज भी हैं। पुलिस ने शव को काटने में इस्तेमाल किए गए हथियार और 300 लीटर का वो फ्रिज भी बरामद किया था जिसमें उसने शव को छिपाया था।
श्रद्धा के पिता ने कहा आरोपी को होनी चाहिए फांसी, मुकदमे की जल्द हो सुनवाई
श्रद्धा हत्या मामले में आफताब पूनावाला के खिलाफ अदालत ने आरोप तय किए जाने के चंद घंटे बाद ही पिता विकास वाल्कर ने मुकदमा जल्द शुरू होने और अभियुक्त को फांसी की सजा दिए जाने की उम्मीद जताई। पूनावाला पर अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाल्कर का गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। श्रद्धा की हत्या के बाद उसके शरीर को टुकड़ों में काट दिया गया था। हालांकि पूनावाला ने आरोपों से इनकार किया है। इस मामले में अगली कार्रवाई एक जून के लिए स्थगित कर दी गई।
श्रद्धा के पिता ने कहा कि मुझे लगता है कि उसे फांसी होनी चाहिए। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इस मुकदमे में जल्द सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने मामले की त्वरित सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि 17 मई को मुंबई में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली में हमारी आवाज सुनी जाए। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और 201 के तहत आफताब पर आरोप तय किए गए हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मामले में 6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी।