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दिल्ली-एनसीआर में कौन था विकास दुबे का मददगार, तेज हुई तलाश की रफ्तार

Sun, 12 Jul 2020 04:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा रणजीत मिश्रा, फरीदाबाद
रणजीत मिश्रा, फरीदाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 12 Jul 2020 04:51 AM IST
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Who was the help of Vikas Dubey in Delhi-NCR, speed of search accelerated
एनसीआर में विकास... - फोटो : अमर उजाला

कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे का दिल्ली-एनसीआर में कनेक्शन क्या था। वह दिल्ली में किससे मिलने आया था। किससे उसने दिल्ली में पनाह लेने की कोशिश की। किसने उसे दिल्ली में समर्पण कराने का झांसा देकर बुलाया था और ऐन वक्त पर आखिर उस मददगार तक विकास क्यों नहीं पहुंच पाया। ये सारे सवाल ऐसे हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम एनसीआर में रहने वाले विकास के करीबियों की कुंडली खंगालने में जुटी है। 

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खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के इंद्रा कांप्लेक्स हरी नगर स्थित मकान नंबर 38 में रहने वाली शांति मिश्रा के पति श्रवण व बेटे अंकुर को क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर विकास दुबे को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में बंद हैं। श्रवण कोरोना पॉजिटिव है। उनके घर में अब सिर्फ तीन महिला पत्नी शांति, पुत्र वधू गुंजन व बेटी आरती ही बची हैं। बेटी भी कोरोना पॉजिटिव है। स्वास्थ्य विभाग ने उसे परिवार से अलग एक कमरे में क्वारंटीन करवा दिया है। 
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दिल्ली में कहां-कहां था आना-जाना
यूपी एसटीएफ व फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ऐसे लोगों की कुंडली तैयार कर रही हैं, जिनका विकास दुबे से पूर्व में करीबी रिश्ता रहा है। वह इस घटना से पहले भी दिल्ली आता रहता था। वह कहां आता था, किस-किस से मिलता था। एनसीआर में उसके और कितने रिश्तेदार रहते हैं। किसने उसे दिल्ली में समर्पण के लिए बुलाया था।
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इन सभी पहलुओं को सुलझाने में यूपी एसटीएफ व फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीमें जुटी हुई है। हालांकि अभी तक क्राइम ब्रांच को कुछ खास जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस को पता चला है कि दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर की तलाश में बदमाश ने  चार घंटों तक इलाके की खाक छानी थी, मगर विकास को रिश्तेदार का घर ही नहीं मिल सका था। विकास ने रिश्तेदार के फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया था, मगर शायद रिश्तेदार भी ऐन वक्त पर उसे पनाह देना नहीं चाहता था। इसलिए उससे फोन पर भी विकास से संपर्क नहीं हो सका।

औरेया से सीधा फरीदाबाद ही क्यों आया आरोपी

कानुपर में बिकरू कांड के बाद आरोपी विकास दुबे अपने साथी के साथ दो दिनों तक तो कानपुर के शिवली इलाके में छिपा रहा था। फरीदाबाद में पुलिस के हत्थे चढ़े विकास दुबे के साथी प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा ने पुलिस पूछताछ में यह बात कबूल की थी। प्रभात ने यह भी बताया था कि शिवली से निकलने के बाद वह औरेया गए और फिर वहां से बस में सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली से वह सीधे फरीदाबाद में अपने रिश्तेदार श्रवण के घर आ गए थे। माना जा रहा है कि यहां श्रवण के बेटे अंकुर जोकि शराब के ठेके पर काम करता है ने भी विकास को फरीदाबाद में समर्पण कराने का भरोसा दिया था। उसने क्राइम ब्रांच के एक पुलिसकर्मी से अपनी अच्छी पहचान होना बताया था। हालांकि किसी कारणवश विकास और अंकुर की  योजना परवान नहीं चढ़ पाई। इस दौरान विकास ने दिल्ली में भी अपने एक परिचित की खोज की थी, मगर वह भी नहीं मिल सका था। माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में जब उसे समर्पण की योजना परवान चढ़ती नजर नहीं आई तो वह मध्यप्रदेश के उज्जैन भाग गया। जहां एक नाटकीय अंदाज में पुलिस ने उसे महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया था।

एक साथ न पकड़े जाएं, इसलिए अलग हुए
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच को कार्तिकेय उर्फ प्रभात से पूछताछ में पता चला था कि दिल्ली में मददगार न मिलने व फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच व यूपी एसटीएफ के सक्रिय होने की भनक मिलते ही सभी साथी अलग हो गए। इन्होंने फरीदाबाद से अलग-अलग निकलने का फैसला किया, जिसके बाद अमर दुबे की हमीरपुर में एसटीएफ से मुठभेड़ हो गई और उसमें वह मारा गया। कार्तिकेय उर्फ प्रभात को फरीदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया था। यूपी एसटीएफ उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में उसने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में वह भी मारा गया। यहां भी विकास की किस्मत ने साथ दिया। वह फरीदाबाद क्राइम ब्रांच के हाथ से बच निकला व दिल्ली से होकर उज्जैन पहुंच गया। 

दिल्ली से अचानक पहुंचा उज्जैन
फरीदाबाद से निकलने के बाद वह बदरपुर बॉर्डर के रास्ते फिर से दिल्ली में दाखिल हुआ। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। दिल्ली में जिसने बुलाया था, उससे भी संपर्क नहीं हो पाया था। फिर भी वह काफी देर तक आश्रम के आसपास घूमता रहा। जब मददगार तक नहीं पहुंच पाया तो पुलिस से बचने के लिए उसने राजस्थान के रास्ते मध्यप्रदेेेश का रुख किया, जहां सुबह सात बजे वह महाकाल मंदिर पहुंचा। वहीं पर बृहस्पतिवार सुबह करीब उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 
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