फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Who is BKU new president Rajesh Singh Chauhan know all about him

BKU Split: जानिए कौन हैं राजेश चौहान जो भाकियू में फूट के बाद बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 32 साल से संगठन में है अहम भूमिका

Mon, 16 May 2022 11:15 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 16 May 2022 11:15 AM IST
सार

आइए जानते हैं भाकियू से अलग होकर जो नया संगठन बना है उसके अध्यक्ष बनने वाले राजेश चौहान कौन हैं और संगठन व किसान राजीनीति में उनकी क्या साख है...

विज्ञापन
Who is BKU new president Rajesh Singh Chauhan know all about him
राजेश सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि पर भाकियू में बगावत हो गई है। शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे पदाधिकारियों एवं उनके समर्थकों ने रविवार को भाकियू (अराजनैतिक) के गठन की घोषणा कर दी है। इसका संरक्षक गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह और अध्यक्ष राजेश चौहान को बनाया गया है। राजेश चौहान भाकियू में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। राकेश टिकैत के करीबी रहे धर्मेंद्र मलिक को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।

विज्ञापन


यह बगावत भाकियू के लिए बड़ा झटका है, नए संगठन के अधिकतर पदाधिकारी बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं, जो लगातार यूनियन के साथ मजबूती से खड़े रहे थे। महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर लखनऊ के गन्ना संस्थान में आयोजित विचार गोष्ठी में बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि देने केबाद नए संगठन का एलान कर दिया। इसमें मांगेराम त्यागी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनिल तालान को राष्ट्रीय महासचिव, हरिनाम सिंह वर्मा को प्रदेश अध्यक्ष, राजवीर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष, चौधरी दिंगबर सिंह को युवा प्रदेश अध्यक्ष, बिंदु कुमार को कोषाध्यक्ष चुन लिया गया। कार्यक्रम में  सुरेंद्र वर्मा, महेंद्र रंधावा, दीपक, नीरज बालियान, राजकुमार गौतम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

आइए जानते हैं भाकियू से अलग होकर जो नया संगठन बना है उसके अध्यक्ष बनने वाले राजेश चौहान कौन हैं और संगठन व किसान राजीनीति में उनकी क्या साख है...

राजेश सिंह चौहान 32 साल तक भाकियू में रहे और अपने काम के दम पर प्रदेश व देश के किसानों के बीच संघर्षशील नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई। वह कभी किसी दल से सीधे तौर पर तो नहीं जुड़े रहे लेकिन चुनाव चाहे लोकसभा का हो या विधानसभा का उनका समर्थन पाने की होड़ हर राजनीतिक दल में मची रहती है। भाकियू में बतौर जिलाध्यक्ष पद से अपने सफर की शुरुआत करने वाले राजेश चौहान अब जब संगठन के अध्यक्ष हैं तो उनके समर्थकों में खासा उत्साह है।



राजेश चौहान का जन्म फतेहपुर के हथगाम ब्लॉक के सिठौरा गांव में हुआ था। फतेहपुर के आदर्श नगर में रहने वाले राजेश चौहान हमेशा किसान समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं और इसी से उनकी पहचान भी है। किसान से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए रेल और सड़क रोको व अधिकारियों को बंधक बनाने तक का आंदोलन उनकी अगुवाई में किया गया।

राजेश चौहान 1990 में भारतीय किसान यूनियन से बतौर जिलाध्यक्ष के रूप में जुड़े। संगठन को जुझारू बनाने और किसान हितों की लड़ाई लड़ते हुए वर्ष 2000 में प्रयागराज मंडल के अध्यक्ष का दायित्व दिया गया। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व निभाया।

2017 में घर की बहू बनी ब्लॉक प्रमुखः राजेश चौहान ने 2017 में पंचायत चुनाव के दौरान हथगाम से भाई भूपेंद्र की बहू बीना सिंह को निर्दलीय ब्लॉक प्रमुख बनाया था। जानकारी के अनुसार आगे चलकर उनके भाई सपा समर्थक बन गए। राजेश भाकियू के राजनीतिक संगठन बहुजन किसान दल के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं लेकिन कभी चुनाव नहीं लड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed