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केजरीवाल ने नहीं मानी मोदी की सलाह, गए दूसरे अस्पताल

Thu, 05 Mar 2015 04:18 PM IST
Updated Thu, 05 Mar 2015 04:18 PM IST
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What Arvind Kejriwal Will Do at Bengaluru Health Farm

केजरीवाल हाई ब्लड सुगर और खांसी के उपचार को 10 दिनों के लिए बंगलुरू रवाना हो गए। वह बृहस्पतिवार सुबह अपने कौशांबी स्थित निवास से रवाना हुए। संयोगवश हाल ही में दिल्ली पुलिस के ‘ऐट होम’ समारोह में केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलाह दी थी कि वह खांसी के उपचार के लिए बंगलुरू जाएं। उन्होंने कहा था कि बंगलुरू में डॉ. नागेंद्र हैं, वो प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए पुरानी खांसी को ठीक करने के माहिर हैं।

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जानकारी के मुताबिक इन दिनों केजरीवाल का सुगर स्तर 300 से अधिक है। इस पर डॉक्टरों ने उनकी दवाएं दोगुनी तक बढ़ा दी थीं। साथ ही इन दिनों उनकी खांसी भी बढ़ी हुई है। रवाना होने से पहले केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली चुनाव प्रचार मुहिम की व्यस्तता के दौरान उनकी खांसी बढ़ गई थी।
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इसलिए बृहस्पतिवार को वो अपने माता-पिता के साथ बंगलुरू रवाना हो गए। वहां 10 दिन तक अरविंद केजरीवाल के शरीर पर ठंडी मिट्टी का लेप लगाया जाएगा, कई लोगों के साथ लाफिंग योगा में ठहाके लगाएंगे, सिर में तेल मालिश की जाएगी। लेकिन सवाल ये है कि क्या केजरीवाल उसी डॉक्टर के पास गए हैं, जिनके बारे में पीएम मोदी ने सुझाया था?

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इलाज के लिए इस अस्पताल में गए हैं केजरीवाल

What Arvind Kejriwal Will Do at Bengaluru Health Farm

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस के 'ऐट होम' समारोह के दौरान सुझाए गए बंगलुरू के डॉक्टर नागेंद्र के पास नहीं, बल्कि बंगलुरू के ही 'जिंदल नेचरक्योर इंस्टिट्यूट' में जा रहे हैं।

बता दें कि केजरीवाल इससे पहले भी बैंगलुरू के जिंदल नेचरक्योर इंस्टिट्यूट में अपना इलाज करवा चुके हैं। दरअसल साल 2012 में जब अन्ना अनशन के बाद बीमार पड़ गए थे तो उन्हें केजरीवाल इलाज के लिए बंगलुरू लेकर आए थे।

यहां मरीजों के इलाज में दवा के इस्तेमाल से नहीं बल्कि बीमारी से बचाने के लिए जड़ी बूटियां, एक्यूपंक्चर, योग और प्राणायाम जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। यही नहीं, यहां की बंगलुरू के जिंदल नगर में 100 एकड़ में बने इस इंस्टिट्यूट की खास बात ये है कि यहां मरीज के एडमिट होने के साथ ही एक डॉक्टर आपके लिए नियुक्त कर दिया जाता है।

क्या होता है प्राकृतिक उपचार

What Arvind Kejriwal Will Do at Bengaluru Health Farm

इसमें जगने के साथ ही 2-3 गिलास पानी पिलाया जाता है। सबसे पहले पेड़ पौधों के बीच झील किनारे एक घंटे टहलना होता है। फिर जलनेति जैसी क्रियाएं होती हैं। सुबह 7 बजे आधे घंटे तक लाफ्टर योगा का सेशन होता है।

इसके बाद मरीजों के शरीर पर ठंडी मिट्टी का लेप लगाया जाता है केजरीवाल को नैचुरोपैथी पर कितना भरोसा है इसकी एक बानगी सुंदर नगरी के अनशन के वक्त भी मिली थी डायबिटीज के मरीज केजरीवाल दिन तक अनशन पर थे लोग हैरान थे कि केजरीवाल भूखे कैसे रह सकते हैं उस वक्त भी केजरीवाल पेट पर मिट्टी का लेप लगाकर संतुलन बनाते थे। यही नहीं, वह इसके बाद रोज सुबह एक घंटा धूप में गुजारते थे, हल्का प्राणायाम और आसन करते थे और थोड़ा-थोड़ा करके दिन भर में दस लीटर पानी पी जाते थे।

यहां दिन में दो बार खाना दिया जाता है पहली बार सुबह 11.30 बजे कुछ खाने को मिलता है। लंच के बाद कुछ देर सोने के लिए वक्त दिया जाता है और दोपहर 2 बजे से दोबारा इलाज शुरू हो जाता है दोपहर बाद का इलाज बीमारी के हिसाब से सबके लिए अलग अलग होता है। जिंदल नेचरक्योर इंस्टिट्यूट डॉ. सीताराम जिंदल ने शुरू किया था। सीताराम जिंदल, जिंदल एल्यूमिनियम लिमिटेड कंपनी के मालिक हैं।

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