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मुआवजा राशि जारी करने को मांगे थे पांच लाख
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 03 Feb 2015 02:07 PM IST
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जमीन का मुआवजा दिए जाने के लिए पांच लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए यूपी के पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार लाल को सीबीआई ने सोमवार दोपहर विशेष न्यायाधीश एके गुप्ता की कोर्ट में पेश किया।
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सीबीआई ने आरोपी से सघन पूछताछ के लिए कोर्ट से 6 दिनों का कस्टडी रिमांड मांगा। कोर्ट ने तीन दिन का रिमांड मंजूर किया है। आरोपी अनिल कुमार लाल 2005 में मोदीनगर एसडीएम और इससे पूर्व मोदीनगर में ही तहसीलदार के पद पर रह चुके हैं।
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सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार लाल इन दिनों गैस अथारिटी ऑफ इंडिया (गेल) में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
मामला बागपत जिले के नीरपुड़ा गांव की जमीन के मुआवजे से संबंधित है। नीरपुड़ा गांव में रहने वाले जगपाल और रोबिन राणा की जमीन गेल ने अधिग्रहित की थी।
इसकी मुआवजा राशि जारी करने को गेल में रिवेन्यू मैटर देखने वाले अनिल कुमार लाल ने रकम जारी करने की एवज में पांच लाख रुपयों की मांग की थी।
रकम लेकर आरोपी ने वादी को नोएडा स्थित अपने आवास पर बुलाया था। नगदी लेते ही सीबीआई ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
गेल ने झाड़ा पल्ला
पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार लाल की गिरफ्तारी के साथ ही गैस अथारिटी ऑफ इंडिया ने उनसे अपना पल्ला झाड़ लिया है।
गेल के स्पीकर ज्योति कुमार ने सोमवार शाम मेल जारी कर स्पष्ट किया किया अनिल कुमार लाल गेल के इंपलाई नहीं हैं, बल्कि वह यूपी पीसीएस अधिकारी हैं। गेल में वह 3 जून 2013 से प्रतिनियुक्ति पर तैनात हुए थे।
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अधिकारी के करोड़ों के मंसूबों पर फिरा पानी
करोड़ों कमाने की फिराक में लगे उत्तर प्रदेश सरकार के पीसीएस अधिकारी अशोक कुमार लाल के मंसूबों पर सीबीआई ने पानी फेर दिया।
भारत सरकार ने अशोक कुमार लाल को गेल की सभी पाइपलाइन के काम के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली का सक्षम अधिकारी बनाया था।
सूत्रों के मुताबिक जिस ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के बदले अशोक अपने घर पर रविवार शाम को एक लाख रुपये लेते सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए हैं, वह उसको चारों राज्यों में पाइपलाइन बिछाने का ठेका देने की फिराक में थे।