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पड़ताल में खुलासाः आदेश के बाद भी साप्ताहिक बाजार नहीं हुए बंद
Wed, 18 Mar 2020 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Mar 2020 06:19 AM IST
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साप्ताहिक बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से बचाव के लिए दिल्ली सरकार ने साप्ताहिक बाजारों पर रोक लगा दी है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा की थी लेकिन मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में इन आदेशों से विपरीत्त सच्चाई देखने को मिली।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में देर रात तक साप्ताहिक बाजार में सैंकड़ों लोगों की तादाद देखने को मिली। यहां हर बार की तरह बाजार लगा हुआ था। रेहड़ी पटरी वालों की ही मानें तो शाम को पूर्वी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस के कुछ सिपाही को उन्होंने इसके लिए रुपये तक दिए हैं।
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हालांकि दोनों विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से इन आरोपों पर स्पष्टीकरण नहीं मिल सका। लक्ष्मी नगर की ही तरह बुराड़ी में भी साप्ताहिक बाजार देखने को मिला। यहां भी बाजार में खूब रौनक थी। रेहड़ी पटरी पर सब्जियों से लेकर फल इत्यादि बिक रहे थे।
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चाट पकौड़े के ठेलों पर लोग खड़े थे। जब यहां रेहड़ी वालों से पूछा कि बाजार बंद है फिर यहां कैसे? इसपर वह हंसते हुए बोला, साहब कोरोना की वजह से भूखा रहना है क्या? हर बार की तरह वे शाम को चार बजे बाजार में आ गए थे। इसके बाद से उनके पास कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।
दरअसल एक दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 50 से ज्यादा लोगों के एकत्रित नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश भी जारी कर दिए थे। सभी जिला प्रशासनों को इन आदेशों पर अमल करने के लिए कहा गया लेकिन मंगलवार को जब दिल्ली सरकार के आदेशों की पड़ताल की गई तो पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली के दो अहम बाजार पहले की भांति ही लोगों की भीड़ के रुप में दिखाई दिए।
यहां न कोई पुलिस जवान था न कोई स्थानीय अधिकारी। लक्ष्मी नगर के मंगल बाजार में हर बार पुलिसकर्मियों की गश्त भी रहती है लेकिन पड़ताल के दौरान पूरे बाजार में कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया।