Weather Delhi: तापमान में उतार-चढ़ाव डाल रहा सेहत पर असर, डॉक्टरों की ये सलाह भूलकर भी न करें नजरअंदाज
गर्मी की वजह से उल्टी, दस्त व बुखार की समस्या अधिक हो रही है तो बिना लापरवाही बरतें किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। विशेष रूप से बच्चों व गर्भवती महिलाओं को अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में मौसम बदल रहा है। दोपहर तेज गर्मी तो शाम को हल्की फुहारों के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसका असर लोगों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, उल्टी व बुखार के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुभाष गिरी ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन सात हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इन मरीजों में अधिकांश बुखार, उल्टी व दस्त के मिल रहे हैं। साथ ही दिमागी बुखार के मरीज भी मिल रहे हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल की ओपीडी से लेकर आपातकालीन विभाग तक मौसम की मार के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें टायफाइड, उल्टी, दस्त व घबराहट के मरीज शामिल हैं। प्रतिदिन यहां पहुंचने वाले मरीजों में दो से तीन मरीज ऐसे पाए जा रहे हैं। इन मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के साथ धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. गिरी कहते हैं कि अक्सर लोग शरीर में पानी की कमी को नजरअंदाज करते हैं और गर्मी में पैदल चलते हैं। ऐसे में शरीर से अधिक पसीना निकलने के कारण पानी की कमी हो जाती है। पानी की अधिक कमी होने के कारण शरीर में रक्त प्रवाह पर प्रभाव पड़ता है, जिससे सीधे तौर पर किडनी प्रभावित होती है। परेशानी बढ़ने पर कई बार मरीज की मौत भी हो जाती है। ऐसे में लोगों को शरीर में पानी की कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, शरीर से पसीना निकलना जरूरी है, लेकिन पानी की कमी को पूरा करना भी जरूरी है।
डॉक्टर कहते हैं कि जिन मरीजों को बीपी व मधुमेह की शिकायत है, ऐसे मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इन मरीजों को अधिक समय तक सीधे धूप के संपर्क में रहने से बचना चाहिए। समय-समय पर पानी पीने के साथ तरल पदार्थ युक्त फलों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। वहीं, समय से अपनी दवाइयों का भी सेवन करना चाहिए।
- सिर दर्द
- बदन दर्द
- तेज बुखार
- रुक-रुक कर बुखार चढ़ना और उतरना
- बेहोश होना
- सांस लेने में तकलीफ
- हीट क्रैंप
क्या खाएं और क्या नहीं
- अधिक प्रोटीन युक्त खाने से बचें
- शराब व कैफिन युक्त पदार्थों का सेवन न करें
- हल्का खाएं व एक साथ अधिक भोजन न करें बल्कि रुक-रुक कर सेवन करें
- तरल पदार्थ युक्त फलों का सेवन करें। खाने में खीरा, ककड़ी, दही, खरबूजा व तरबूज को शामिल कर सकते हैं।
- समय-समय पर पानी पीते रहें, अधिक थकान महसूस होने पर ग्लूकोज का पानी पी सकते हैं।
किस तरह के कपड़े पहनें
- गर्मी में टाइट कपड़े पहनने के बजाय ढीले कपड़े पहनें।
- भड़कीले रंग के कपड़ों के बजाय हल्के रंग वाले कपड़े पहनें।
- बाहर निकलने पर सिर पर कपड़ा रखें या टोपी पहनकर निकलें।
- रेशमी कपड़ों के बजाय सूती कपड़े पहनें।
- तबियत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचें