दिल्ली: अब स्मार्ट कार्ड से मिलेगा पानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के उपराज्यपाल की पहल पर दूरदराज बसी 10 जेजे कॉलोनियों के लोगों को अब स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पेयजल मिलेगा।
उन्हें पानी लेने के लिए बैंक के एटीएम से रुपये निकालने की तरह मशीन में स्मार्ट कार्ड डालना होगा। वह जितना पानी लेंगे उसके अनुसार कार्ड से रुपये कट जाएंगे।
उपराज्यपाल की हरी झंडी के तहत नरेला, बवाना, होलंबी आदि इलाके में बसी जेजे कॉलोनियों के निवासियों को भी अब इसी माध्यम से पानी मुहैया कराने की तैयारी है।
एक बार में मिलेगा इतना पानी
उपराज्यपाल नजीब जंग ने हाल ही में 10 जेजे कॉलोनियों में एटीएम से पेयजल मुहैया कराने की योजना को हरी झंडी दी। उन्होंने यह फैसला सावदा जेजे कॉलोनी में एटीएम से पानी मुहैया कराने की पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई योजना की सफलता को देखते हुए लिया है।
यहां एक कंपनी के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली शहर सुधार आश्रय बोर्ड पानी उपलब्ध करा रहा है। सावदा जेजे कॉलोनी के निवासियों को 30 पैसे प्रति लीटर पानी उपलब्ध हो रहा है।
कंपनी को दिल्ली जल बोर्ड पानी उपलब्ध कराएगा और दिल्ली शहर सुधार आश्रय बोर्ड मशीन लगाने के लिए जगह देगा। लोगों को सस्ता पानी दिलाने के लिए कंपनी और बोर्ड को भुगतान करेगा। इन कॉलोनियों में कई जगह मशीनें लगाई जाएंगी। वे एक बार में केवल 20 लीटर पानी ही ले सकेंगे।
इन इलाकों में अभी भी टैंकर का सहारा
राजधानीवासियों को इस वर्ष भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली जल बोर्ड सभी घरों में इस वर्ष भी पानी पहुंचाने में नाकाम नजर आ रहा है। विशेषकर दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिल्ली में।
इन इलाकों की अधिकतर कॉलोनियों और गांवों में दिल्ली जल बोर्ड की अब टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की योजना है। लेकिन समस्या यह भी है कि जल बोर्ड के पास मांग के अनुरूप पानी की उपलब्धता नहीं है। इस कारण लोगों को टैंकरों के लिए भी इंतजार करना होगा।
राजधानी में रोजाना पानी की मांग करीब 11 सौ एमजीडी है और दिल्ली जल बोर्ड 835 एमजीडी ही पानी का उत्पादन करता है। इसमें से लोगों के घरों तक पांच सौ एमजीडी भी आपूर्ति नहीं हो पाती। क्योंकि तीन सौ एमजीडी से अधिक पानी बर्बाद और चोरी हो रहा है, जिसे बचाने को लेकर जल बोर्ड कुछ खास सक्रिय नहीं दिखता। वहीं टैंकरों में पानी उपलब्ध कराने के लिए 23 नए प्वाइंट बनाए गए हैं। 24 वॉटर इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।