नोएडा : अब इतना महंगा होगा जल, इस वजह से लेना पड़ा ये बड़ा फैसला
अब शहर के लोगों को सीवर का भी चार्ज देना होगा। यही नहीं पानी के लिए वर्तमान दरों से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। प्राधिकरण की ओर से इस योजना को अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने की कवायद की जा रही है। योजना पर प्राधिकरण के अधिकारी मंथन कर रहे हैं।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नोएडा में गंगाजल मंगाकर सप्लाई की जाती है। इसके मंगाने और रखरखाव का जो खर्च आता है उसका 40 फीसदी भी निवासियों से वसूल नहीं हो पाता है। इस वजह से प्राधिकरण को घाटा हो रहा है।
लिहाजा, 2013 के बाद अब पानी की नई दरें तय की जाएंगी। सीवर के प्रयोग पर भी अब शुल्क लगेगा। इसके लिए एक स्लैब बनेगी और नियम के मुताबिक शुल्क वसूला जाएगा।
अगर दिल्ली से पानी और सीवर के चार्ज की तुलना की जाए तो नोएडा में दस गुना कम शुल्क वसूला जाता है। इस वजह से नोएडा को घाटा हो रहा है। लिहाजा, इसके दरें बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि व्यवस्था को दुरुस्त रखा जा सके।
1000 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों पर लगेंगे पानी के मीटर
एसीईओ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में पानी के मीटर लगाने की योजना पर भी काम किया जाएगा, लेकिन पहले बड़े भूखंडों पर ही योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
इसके लिए तय किया गया है कि पहले ऐसे भूखंड जो 1000 वर्गमीटर या इससे बड़ी साइज के हों। उनमें रहने वाले लोगों के लिए पानी का मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पानी का मीटर नोएडा के सभी घरों में लगेगा। यही नहीं किरायेदारों का भी पानी का मीटर लगेगा, लेकिन इसमें अभी कुछ समय लगेगा। मीटर लगाने से पानी की बरबादी भी नहीं होगी।
गरीब तबके को मिलेगी मीटर चार्ज में रियायत
जब लोगों को पानी के मीटर रीडिंग से शुल्क देना होगा तो उसमें गरीब तबके के लोगों को रियायत दी जाएगी, ताकि उन पर ज्यादा बोझ न पड़े। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए भी एक स्लैब बनाया जाएगा। इसमें ऐसे चिह्नित घरों को शुल्क में सब्सिडी दी जाएगी। हालांकि, इसे कैसे तय किया जाएगा। इस पर कोई जानकारी नहीं दी गई।
साधारण पानी की भी सप्लाई की योजना
अमूमन लोग घर या आसपास पानी की किसी भी जरूरत को उसी पानी से पूरा करते हैं जो वह पीते हैं। ऐसे में पानी की किल्लत होना लाजमी है।
ऐसी सूरत में प्राधिकरण ने साधारण पानी की सप्लाई की योजना बनाई है। इस पानी का उपयोग घरों के निर्माण कार्य, पानी के छिड़काव, कार आदि धोने में किया जा सकेगा। इसके लिए एसटीपी का शोधित पानी मिलेगा।
पानी के कनेक्शन के लिए गांवों में लगेगा शिविर
भवनों का विवरण पानी की वर्तमान दरें (रुपये प्रतिमाह)
श्रमिक कुंज 35
निर्बल आय वर्ग 40
निम्न आय वर्ग 50
एमआईजी 175
एचआईजी 210
डुप्लेक्स 260
भूखंड क्षेत्रफल प्रति वर्गमीटर पानी की वर्तमान दरें (रुपये प्रतिमाह)
ग्रामवासी 50
1-30 60
31-50 75
51-100 200
101-200 250
201-300 350
301-400 400
401-500 470
501-1000 525
बल्क संयोजन 6 रुपये प्रति किलोलीटर