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दिल्लीः खतरे के निशान के पास पहुंचा यमुना का जलस्तर, सरकारी विभाग सतर्क
Wed, 26 Aug 2020 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Aug 2020 05:04 AM IST
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दिल्ली में यमुना...
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हरियाणा के यमुना नगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की वजह से राजधानी में यमुना का जलस्तर चेतावनी के स्तर 204.50 के करीब पहुंच गया है। इसको देखते हुए बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग द्वारा तैयारी कर ली गई है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक यमुना का जलस्तर 204 मीटर तक दर्ज किया गया था।
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सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, हथिनी कुंड बैराज से सुबह 10 बजे तक 7418 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड (क्यूसेक) की दर से पानी छोड़ा गया था। एक क्यूसेक 28.317 लीटर पर सेकंड के बराबर होता है। अधिकारी ने बताया कि सुबह आठ बजे से नौ बजे तक यमुना का जल प्रवाह इसी दर से बह रहा था।
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सोमवार सुबह आठ बजे तक यमुना का जलस्तर 204.38 दर्ज किया गया था। आम दिनों में हथिनी कुंड बैराज में पानी के बहाव की दर 352 क्यूसेक है, लेकिन इन दिनों हुई भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा है। यदि पिछले वर्ष के बाद करें तो 18 और 19 अगस्त को जल स्तर 8. 28 लाख क्यूसेक हो गया था। इस वजह से यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 206.33 मीटर को पार करते हुए 206.60 मीटर पर पहुंच गया था।
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इस वजह से यमुना के निचले स्तर के इलाकों को भी खाली कराना पड़ा था। वहीं, दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा था कि सरकार बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हमारे पास बाढ़ नियंत्रण प्रणाली तैयार है। यदि हमें इसकी जरूरत होगी तो हमारी प्रणाली पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगी।
जैन के अनुसार, सरकार की यमुना के किनारे सभी इलाकों के लिए योजना तैयार है जो पल्ला गांव से ओखला तक है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग द्वारा 26 से 29 अगस्त के बीच उत्तर पश्चिम भारत में अधिक बारिश होने की संभावना बताई गई है।