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पानी नहीं ‘आश्वासन’ पिलाएगा निगम

Fri, 27 Mar 2015 11:12 PM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 27 Mar 2015 11:12 PM IST
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water crises in faridabad

फरीदाबाद में नगर निगम के अधिकारी 493.49 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के भरोसे सबको पर्याप्त मीठा पानी पिलाने का दावा वर्ष 2007 से कर रहे हैं। लेकिन अब तक इसका काम अधूरा है। अंडरग्राउंड टैंक और पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं पर उनमें पानी नहीं है, क्योंकि अब तक रेनीवेल शुरू नहीं हो सके हैं।

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काफी कोशिश के बाद राज्य सरकार ने जवाहरलाल नेहरू अर्बन रिनुअल मिशन की इस परियोजना को पूरा करने के लिए नगर निगम को हुडको से 100 करोड़ रुपये का लोन दिलवाया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि इसका फायदा इस गर्मी में नहीं मिलेगा। इस पैसे से यदि जलापूर्ति का ही काम होगा तो दिसंबर तक सभी 10 रेनीवेल शुरू हो पाएंगे। यह पेयजल परियोजना 2012 में पूरी होनी थी। लेकिन नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण लटकती रही। जिसका नतीजा यह हुआ कि जनता हर गर्मी में टैंकरों पर आश्रित रहने लगी।
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कुल मिलाकर इस बार भी स्थिति ये बनती है कि निगम प्रशासन जनता को पर्याप्त पानी की जगह ‘आश्वासन’ की घुट्टी ही पिलाएगा। यह बात निगम अधिकारी भी मान रहे हैं। इसलिए गर्मी में तैयार हो जाइए जल संकट झेलने के लिए, या फिर कम पानी खर्च करने की आदत डालिए। जो स्थितियां हैं उसके मुताबिक तय मानिए गर्मी में जल संकट रहेगा। पानी के लिए मारामारी, धरना-प्रदर्शन होंगे। इस मसले का कोई स्थायी समाधान नहीं है। इसलिए शहर के हजारों लोगों को इस संकट से निकालने के लिए टैंकर ही विकल्प बनेंगे।
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नगर निगम इसीलिए लगभग टैंकरों की सेवा लेने की योजना बना रहा है। ताकि जहां भी जरूरत पड़े वहां पर पानी भेज दिया जाए। मुख्यालय में मटके न फूटें। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक इस गर्मी के पीक आवर में हर रोज दो सौ टैंकरों से अधिक पानी की जरूरत पड़ेगी। यहां पर लगभग 35 वार्ड हैं। यदि हर वार्ड में रोजाना 6 टैंकर भी जाएं तो भी दो सौ से अधिक टैंकर पानी की जरूरत पड़ेगी। एक टैंकर में 3000 से 5000 लीटर पानी आता है।

निगम की वर्तमान पेयजल व्यवस्था:
-ट्यूबवेलों से रोजाना मिलने वाला पानी: लगभग 1300 लाख लीटर
-हुडा व निगम के रेनीवेल से रोजाना मिलने वाला पानी: 1000 लाख लीटर
-शहर में कुल पानी की मांग: लगभग 3000 लाख लीटर
-शहर में प्रतिदिन पानी की कमी: लगभग 700 लाख लीटर

जलापूर्ति के मानक:
-प्रति व्यक्ति/दिन पानी मिलने का राष्ट्रीय मानक: 180 लीटर।
-प्रति व्यक्ति/दिन पानी मिलने का राज्य मानक: 135-150 लीटर।
-शहर में पानी की प्रति व्यक्ति/दिन उपलब्धता : 85 लीटर।

नगर निगम के पास वर्तमान में ट्यूबवेल: लगभग 1350
(सभी आंकड़े नगर निगम अधिकारियों से बातचीत पर आधारित हैं)

पानी की कमी से ज्यादा प्रभावित क्षेत्र:
पर्वतीय कॉलोनी, कपड़ा कॉलोनी, गौंछी कॉलोनी, मुजेसर, भगत सिंह कॉलोनी, जनता कॉलोनी, संजय एंक्लेव, गांधी कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, सेक्टर 23 की संजय कॉलोनी, भूड़ कॉलोनी, बसेलवा कॉलोनी, एसजीएम नगर, जवाहर कॉलोनी, नंगला एंक्लेव आदि।


‘दो रेनीवेल शुरू हो गए हैं। हम जून, जुलाई तक काफी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति कर देंगे। हमें हुडको से 100 करोड़ का लोन मिला है। इससे जलापूर्ति परियोजना दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। गर्मी में जहां भी पानी की कमी होगी, हम दूर करने की कोशिश करेंगे।’
-डीआर यादव, मुख्य अभियंता, नगर निगम

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