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Delhi : वक्फ बोर्ड को अतिक्रमण नोटिस पर पुनर्विचार का निर्देश, छह सप्ताह के भीतर जारी करना होगा विस्तृत आदेश
Wed, 04 Jun 2025 01:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 04 Jun 2025 01:24 AM IST
सार
अदालत ने वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर विचार करे और छह सप्ताह के भीतर विस्तृत आदेश जारी करे। यह नोटिस दिल्ली के पहाड़ गंज, नबी करीम क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए जारी किया गया था।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से जारी अतिक्रमण नोटिस को पुनर्विचार का निर्देश दिया है। अदालत ने वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर विचार करे और छह सप्ताह के भीतर विस्तृत आदेश जारी करे। यह नोटिस दिल्ली के पहाड़ गंज, नबी करीम क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए जारी किया गया था।
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याचिकाकर्ता, सुनमीत सिंह ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से जारी नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें नबी करीम, पहाड़ गंज में कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के भीतर अतिक्रमण करने वालों को कारण बताने के लिए कहा गया था कि अतिक्रमण क्यों न हटाया जाए।
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याचिकाकर्ता का दावा है कि नोटिस उनकी निजी संपत्ति पर गलत तरीके से चस्पा किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील, प्रीतिश सभरवाल ने तर्क दिया कि यह संपत्ति वक्फ की नहीं है और इस मुद्दे पर पहले वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई हो चुकी है, जिसके दस्तावेज याचिका के साथ संलग्न किए गए हैं।
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दूसरी ओर, वक्फ बोर्ड के वकील, तुषार सन्नू ने कहा कि नोटिस 30 मई, 2024 और 26 मार्च, 2025 को हाईकोर्ट के समन्वय खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में जारी किया गया था।
दोनों पक्षों की सहमति से कोर्ट ने जारी किए निर्देश
न्यायमूर्ति तारा वितास्ता गंजू की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की सहमति से निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से 6 मई, 2025 को दिया गया जवाब और वर्तमान याचिका को संयुक्त रूप से प्रतिनिधित्व के रूप में माना जाएगा।
याचिकाकर्ता या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को 6 जून, 2025 को सुबह 11 बजे दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ, अजीमुल हक के कार्यालय में सुनवाई के लिए उपस्थित होना होगा। याचिकाकर्ता को सुनवाई के दौरान अपने दावों के समर्थन में अतिरिक्त तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति होगी।
यदि एक से अधिक सुनवाई की आवश्यकता हो, तो याचिकाकर्ता और वक्फ बोर्ड आपसी सहमति से अतिरिक्त सुनवाइयों का समय निर्धारित कर सकते हैं। वक्फ बोर्ड को सुनवाई के समापन के छह सप्ताह के भीतर एक विस्तृत, तर्कसंगत आदेश पारित करना होगा, जिसमें याचिकाकर्ता के दावों पर विचार किया जाए।
यह आदेश याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर डाक और ई-मेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। यदि याचिकाकर्ता वक्फ बोर्ड के आदेश से असंतुष्ट होता है, तो वह कानून के अनुसार उचित कदम उठा सकता है।