फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Visually impaired women send video to arvind kejriwal

महिला प्रोफसर ने बनाया आपबीती का वीडियो, केजरीवाल को भेजा

Fri, 24 Jul 2015 02:46 PM IST
Updated Fri, 24 Jul 2015 02:46 PM IST
विज्ञापन
Visually impaired women send video to arvind kejriwal

दिल्ली विश्वविद्यालय में अस्टिटेंट प्रोफेसर की नौकरी करने दिल्ली आई एक नेत्रहीन मुस्लिम महिला ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मदद की मांग की है।

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रीम शमसुद्दीन नाम की यह महिला दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर काम करती हैं और हाल ही में दिल्ली आई हैं। रीम ने एक शॉर्ट वीडियो बनाया है जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा केजरीवाल को बताई है।
विज्ञापन


रीम बताती हैं कि इसी साल फरवरी में यहां आईं थीं जिस वक्त नई सरकार बनने की वजह से दिल्ली में चारों ओर सकारात्मक माहौल देख उन्हें बेहद खुशी हुई थी। रीम ने केजरीवाल को भेजे वीडियो में बताया है कि मैं अपने साथ होने वाले भेदभाव के बारे में आप को बताना चाहती हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

अचानक पलट गया मकान मालिक

Visually impaired women send video to arvind kejriwal

गर्मी की छुट्टियों के बाद जब मैंने कॉलेज ज्वॉइन किया तो रहने के लिए किराए का एक फ्लैट लिया। इसके लिए मैंने मकान म‌ालिक को एडवांस में किराया भी दिया।

जब मैं अपने मां और सामान के साथ वहां रहने पहुंची तो मकान मालिक ने मुझे फ्लैट में जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह किसी मुस्लिम को मकान किराए पर नहीं दे सकते। रीम कहती हैं कि उन्हें आश्चर्य होता है कि दिल्ली जैसे मेट्रोपॉलिटन शहर में उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

वह कहती हैं कि इससे पहले वह आठ साल तक हैदराबाद में रहीं, लेकिन कभी भी धर्म के नाम पर उन्हें इस तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

पूरा कीजिए अपना वादा

रीम का सवाल है कि जब मुझे इस तरह के अनुभव से गुजरना पड़ रहा है तो मेरे उन छात्रों के साथ क्या होगा जो देश के कोने-कोने से दिल्ली में पढ़ने के लिए आते हैं।

केजरीवाल को भेजे अपने वीडियो में इस महिला ने मांग की है कि आम आदमी पार्टी ने वादा किया था कि दिल्ली में सभी धर्मों और क्षेत्रों ये आए लोगों को रहने की जगह मिलेगी और उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।

मैं उम्मीद करती हूं कि भविष्य में मुझे या मेरे छात्रों को इस तरह की शर्मनाक और अमानवीय घटना का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसलिए आपसे अनुरोध है कि कृपया इस मामले को गंभीरता से देखें।

फोटो व स्टोरी साभार: indianexpress.com

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed