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वायरल तस्वीर में पिता के शव के सामने रोने वाले बच्चे का सच आया सामने

Fri, 21 Sep 2018 10:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 21 Sep 2018 10:37 AM IST
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viral photo of grieving son before father dead body reality came forward boy not anil real son
dabri sewer death - फोटो : अमर उजाला

खबरों और सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से जरूर एक फोटो आपने वायरल होती देखी होगी। एक बच्चा एक शव के बगल में रोता दिखाई दे रहा है। दावा था कि यह बच्चा अपने पिता के शव के बगल में खड़ा होकर रो रहा था और इसी तस्वीर पर अब तक सोशल मीडिया की वजह से 57 लाख रुपए परिवार के लिए आ चुके हैं। लेकिन अब इस बच्चे और वो शख्स जिसका ये शव है उनका असली रिश्ता सामने आया है।

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इस तस्वीर में 11 साल का बच्चा अनिल नाम के शख्स के शव के सामने रोता देखा जा सकता है। बता दें कि अनिल की मौत दिल्ली के डाबड़ी में सीवर की सफाई करते वक्त रस्सी टूट जाने और फिर कीचड़ में फंस कर दम घुटने से हुई थी। सोशल मीडिया से लेकर हर जगह तक ये तस्वीर फैल जाने के बाद गुरुवार को अनिल के माता-पिता सामने आए और उन्होंने इस वायरल तस्वीर के बारे में बड़ा खुलासा किया।
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अनिल के माता-पिता ने बताया कि अनिल की तो कभी शादी ही नहीं हुई थी। उन्होंने ये भी बताया कि अनिल जिस महिला के साथ रह रहा था वो उसकी पत्नी नहीं थी। उन्होंने ये भी बताया कि वह अनिल के नानके से हैं और जो बच्चा अनिल के शव के पास रोता दिख रहा है वह अनिल का बेटा नहीं है। वह बच्चा उसी महिला की पहली शादी से है।

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viral photo of grieving son before father dead body reality came forward boy not anil real son
dabri sewer death

हालांकि ये जो भी बातें अनिल के माता-पिता कह रहे हैं उससे इस बच्चे  या परिवार का दुख कम नहीं होता। अनिल के पड़ोसियों और सहकर्मियों का कहना है कि अनिल, महिला और उसके तीन बच्चे(जिनमें से एक तस्वीर में दिखाई दे रहा है) परिवार की तरह पिछले तीन साल से एक साथ रह रहे थे। पड़ोसियों का ये भी कहना है कि भले ही वह उनका बेटा न रहा हो लेकिन वह बेटे जैसा ही था।

एक सफाईकर्मी वीरेंद्र जो अनिल का दोस्त है ने बताया कि अनिल ने उसे बताया था कि रानी को वह अपनी बीवी मानता है और उसके बच्चों को अपना बच्चा। बता दें कि एनजीओ उदय फाउंडेशन और क्राउडफंडिंग पोर्टल केट्टो ने एक अकाउंट बनाया था और बृहस्पतिवार तक 2594 लोग इस पर दान कर चुके थे।  

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