नागरिकता कानून: हिरासत में लिए जामिया के 50 छात्र रिहा, जेएनयू के छात्रों ने पुलिस मुख्यालय घेरा
- कई निजी बसों में तोड़फोड़, दुपहिया वाहनों में भी लगाई आग
- मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा, देर रात पुलिस मुख्यालय पर डटे जेएनयू के छात्र
- छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारी घायल, 2 गंभीर
- दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली में आज स्कूल बंद
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विस्तार
नागरिकत संशोधन विधेयक के विरोध का लेकर रविवार दिन में हुए प्रदर्शनों और जामिया कैंपस की लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग ने दूसरे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों को भी भड़का दिया। यही वजह रही कि रविवार देर रात डीयू, जेएनयू, अंबेडकर यूनिवर्सिटी के छात्र विरोध में उतर आए और आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय प्रदर्शन करने पहुंच गए।
हालांकि इसके बाद दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी एमएस रंधावा ने मीडिया को जानकारी दी है कि हिंसक विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए जामिया के 50 छात्रों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से कालकाजी पुलिस थाने से 35 और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से 15 छात्र रिहा किए गए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हिंसक प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस के अफसर और कर्मचारी भी घायल हुए हैं। इन घायलों में दक्षिण पूर्वी दिल्ली के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी साउथ, दो एसीपी, पांच एसएचओ और इंस्पेक्टर शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य और आम छात्रों ने दिल्ली पुलिस और सरकार के विरोध में और जामिया के छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का सवाल था कि जब हिंसक प्रदर्शन में जामिया के छात्र शामिल नहीं थे तो पुलिस ने कैंपस में जाकर लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर आंसू गैस का प्रयोग करने के साथ लाठीचार्ज क्यों किया?
पुलिस ने बाद में कैंपस से छात्रों को बाहर निकाला और अब वे मिल नहीं रहे हैं। उनके साथी छात्र लापता हैं, पर पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने देर रात तक चल रहे प्रदर्शन में देर रात वृंदा करात समेत कई नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे जैसे रात हो रही थी वैसे-वैसे प्रदर्शनकारी छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही थी।
आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर छात्र संगठनों ने जामिया कैंपस में रविवार शाम साढ़े चार बजे छात्रों से मारपीट व लाठीचार्ज के विरोध में रात नौ बजे से विरोध की कॉल दी थी। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन को रोकने के लि जेएनयू, डीयू, जामिया व अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली कैंपस के नजदीक मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया, लेकिन छात्र पैदल या सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करके सैकड़ों की तादाद में पहुंच गए।
छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन में जामिया नगर, ओखला, पुरानी दिल्ली के कई इलाकों के मुस्लिम समुदाय व विभिन्न संगठनों के लोग भी जुड़ गए। फरदीन, मोहम्मद असल आदि का कहना था कि पुलिस कमिश्नर को ऐसे पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करना चाहिए।
सड़क पर पेंटिंग बनाकर जताया विरोध
पुलिस मुख्यालय के बाहर छात्रों ने लाल रंग से जामिया ब्लीडिंग (खून से नहाया) आदि स्लोगन लिखकर भी अपनी नाराजगी जतायी। वहीं, कई छात्र तख्तियों, पेंटिंग के माध्यम से पुलिस अत्याचारों पर सवाल खड़े करतेे रहे। इसमें लिखा था कि निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाइब्रेरी में जाकर मारपीट, आंसू गैस व लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक है।
जामिया नगर में छह बसें फूंकीं
इससे पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध रविवार दिन में राजधानी में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया। जामिया नगर इलाके में प्रदर्शन के दौरान शाम बाद भीड़ ने मथुरा रोड और सरिता विहार-नोएडा रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो शरारती तत्वों ने पथराव कर दिया।
पुलिस के जवाबी कार्रवाई करने पर भीड़ ने करीब आधा दर्जन बसों में आग लगा दी। आठ से अधिक बसों में तोड़फोड़ के अलावा कई कारों व दुपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग पर काबू पाने पहुंची दमकल की एक गाड़ी को भीड़ ने तोड़ डाला।
हमले में एक दमकलकर्मी के अलावा छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। इनमें दो गंभीर हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
हिंसा को देखते हुए जसोला विहार, आरकेपुरम, मनिरका, बसंत विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन को बंद करना पड़ा। उधर, जेएनयू के छात्रों ने रात करीब दस बजे पुलिस मुख्यालय का घेराव कर लिया। छात्रों की भारी भीड़ देर रात तक वहां डटीं थीं।
पिछले तीन दिनों से जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय के बाहर छात्र नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच रविवार को जामिया नगर इलाके में बंद का आह्वान किया गया था।
बटला हाउस, जाकिर नगर, शाहीन बाग, अबुल फजल और अन्य इलाकों की मार्केट बंद कर लोग जगह-जगह समूह बनाकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोपहर दो बजे आप के स्थानीय विधायक अमानतुल्लाह खान के नेतृत्व में भीड़ के एक समूह ने शाहीन बाग के सामने सरिता विहार-नोएडा रोड पर जाम लगा दिया।
दूसरा समूह जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन करने लगा। शाम चार बजे भीड़ ने माता-मंदिर रोड से होते मथुरा रोड पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस बल बुलाकर इनको हटाने का प्रयास किया तो भीड़ हिंसक हो गई। शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
पुलिस ने बल प्रयोग कर इनको खदेड़ा तो भागकर न्यू फ्रेंड्स कॅालोनी माता-मंदिर रोड पर पहुंच गए। यहां एक कलस्टर, डीटीसी की एक-एक हरी और लाल बस में आग लगा दी। हिंसक भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
इसी बीच भीड़ ने फोर्टिस एस्कोर्ट अस्पताल के पास आठ-नौ बसों के शीशे तोड़ने के अलावा कई दुपहिया वाहनों में आग लगा दी। कुछ लोग मथुरा रोड पर भी पहुंच गए और डीटीसी की दो बसों व एक कार में आग लगा दी।
महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा बढ़ाई
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक , संसद भवन सहित अन्य जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के आला अधिकारियों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
दक्षिणी-पूर्वी जिले में आज बंद रहेंगे स्कूल
हिंसा को देखते हुए दक्षिण पूर्व जिले के कई इलाकों में सोमवार को स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा किओखला, जामिया, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, मदनपुर खादर क्षेत्र के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
प्रदर्शनकारी संसद की ओर जाने के लिए मथुरा रोड पर आ गए थे। उन्हें रोका गया तो हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ के अलावा पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके। हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया तो उन्होंने कई वाहनों में आग लगा दी। किसी भी प्रदर्शनकारी पर गोली नहीं चलाई। -चिन्मय बिश्वाल, डीसीपी साउथ-ईस्ट जिला
विधायक और समर्थकों के खिलाफ थाने में शिकायत
सरिता विहार और शाहीन बाग के नागरिकों ने स्थानीय विधायक और उसके सहयोगियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सांप्रदायिक हिंसा फैलाने सरकारी और गैर सरकारी लोगों के संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर शिकायत दी है। शिकायत में लोगों ने विधायक पर लोगों को भड़काने का भी आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, सरिता विहार में रहने वाले लोगों ने इसकी शिकायत दी है। जसोला गांव निवासी अमित चौधरी शिकायत में उसने कहा है कि उसने विधायक अमानतुल्लाह खान और उनके सहयोगियों में संप्रदायिक हिंसा फैलाने और छात्रों को सरकारी संपत्ति को नुकसान करने के लिए भड़काते हुए देखा था।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बाबत शिकायत मिली है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।